जून माह में तीन ग्रहों का गोचर होगा। इसमें सूर्य मंगल और गुरु ग्रह शामिल हैं। वहीं बुध ग्रह इस महीने वक्री चाल चलेंगे और शुक्र ग्रह मार्गी होगा। इन सभी ग्रहों की चाल का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा। यह प्रभाव सकारात्मक भी हो सकता है और नकारात्मक भी। आइए जानते हैं जून में इन ग्रहों की चाल कब बदलेगी और उसका प्रभाव क्या होगा।
जून में सूर्य-मंगल व गुरु का होगा राशि परिवर्तन, बुध होगा वक्री और शुक्र मार्गी, जानें प्रभाव
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जून माह की 15 तारीख को सूर्य का राशि परिवर्तन होगा। मिथुन बुध ग्रह की राशि है। सूर्य और बुध सम ग्रह हैं। सूर्य के गोचर से मिथुन राशि वालों के स्वभाव में अहंकार, क्रोध और आक्रामकता देखने को मिल सकती है। आपका ये स्वभाव रिश्तों पर विपरीत असर डाल सकता है। प्रेम एवं दांपत्य जीवन में भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इस दौरान सेहत पर अपनी ध्यान रखें। खासकर सेवन में गर्म चीज़ों से परहेज करें। सरकारी कामकाज में लाभ मिलने होने की संभावना है।
18 जून को मंगल का राशि परिवर्तन होगा। इस दिन मंगल देव मीन राशि में प्रवेश करेंगे। मीन राशि गुरु की राशि है और गुरु और मंगल दोनों आपस में मित्र ग्रह हैं। मीन राशि में मंगल के प्रवेश से इस राशि के जातकों के स्वभाव में क्रोध बढ़ सकता है। किसी के साथ लड़ाई-झगड़ा होने की संभावना भी है। यदि जमीन से जुड़ा विवाद है तो उसमें सफलता मिलने की संभावना है।
18 जून गुरुवार को बुध ग्रह मिथुन राशि में वक्री चाल चलेगा, यानी इस दिन से बुध की उल्टी चाल शुरू हो जाएगी। इससे पहले 24 मई को बुध अपनी स्वराशि में मार्गी हुए थे। मिथुन बुध की राशि है। यहां बुध सूर्य के साथ युति करेगा। मिथुन राशि के जातकों को यहां मिलेजुले परिणाम मिलने की संभावना है।
25 जून को शुक्र वक्री से मार्गी हो जाएंगे। कोई भी ग्रह अपने मार्गी अवस्था में सीधा चलता है। जबकि वक्री में कोई भी ग्रह अपनी सामान्य चाल से उल्टा चलता है। मार्गी अवस्था में शुक्र अपनी स्वराशि वृष में होगा। इस दौरान वृष राशि के जातकों को शुभ परिणाम मिलेंगे। उनके भौतिक सुखों में वृद्धि होगी। वैवाहिक जीवन सकुशल बीतेगा। जीवनसाथी के साथ रिश्ते मधुर होंगे।