Planet Transit in July 2021 Dates and Effects: जुलाई माह 2021 में चार ग्रह अपनी राशि बदलेंगे। इन चार ग्रहों में बुध, सूर्य, मंगल और शुक्र ग्रह शामिल हैं। इनमें बुध ग्रह इस माह दो बार अपनी राशि बदलेंगे। माह की शुरूआत में पहले तो बुध अपनी स्वराशि मिथुन में प्रवेश करेंगे फिर अंत में इसी माह बुध चंद्रमा की राशि कर्क में जाएंगे। इन चारों ग्रहों का राशि परिवर्तन सभी राशियों पर शुभ-अशुभ प्रभावकारी रह सकता है। सूर्य देव इस महीने कर्क राशि में जाएंगे, तो वहीं शुक्र और मंगल ये दोनों ग्रह सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य देव के राशि परिवर्तन को संक्रांति के नाम से जाना जाता है। यानी जुलाई माह में कर्क संक्रांति 16 तारीख को मनाई जाएगी। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों की चाल का असर व्यक्ति के जीवन पर पड़ता है। आइए जानते हैं जुलाई माह 2021 में ग्रहों का राशि परिवर्तन और उनके प्रभाव..
Planet Transit July 2021 Dates: जुलाई में ये ग्रह बदलेंगे अपनी राशि, जानें आपके जीवन पर प्रभाव
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मिथुन राशि में बुध का गोचर जुलाई माह का पहला ग्रह परिवर्तन होगा। नवग्रहों के युवराज बुध देव 7 जुलाई 2021, बुधवार को वृष राशि से अपनी स्वराशि मिथुन में प्रवेश करेंगे। बुधदेव इस राशि में 25 जुलाई रविवार तक स्थित रहेंगे। कोई भी ग्रह अपनी स्वराशि में मजबूत स्थिति में होता है। बुध के मिथुन राशि में गोचर से सभी राशियों पर इसका शुभ-अशुभ प्रभाव पड़ेगा। बुध देव मिथुन और कन्या राशि के स्वामी हैं। बुध ग्रह कन्या राशि में उच्च के तो वहीं मीन राशि में नीच के माने जाते हैं।
शुक्र देव 17 जुलाई को कर्क राशि से सूर्य देव की राशि सिंह में प्रवेश करेंगे। इस राशि में शुक्र 11 अगस्त, 2021 बजे तक स्थित रहेंगे। इसके बाद यह कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, शुक्र ग्रह सिंह राशि में रहते हैं तो वे बहुत अच्छा फल नहीं देते हैं क्योंकि सूर्य देव और शुक्र ग्रह के बीच शत्रुता का भाव है। शुक्र देव को इस संसार के समस्त भौतिक सुखों का कारक माना जाता है। यह वृष और तुला राशि का स्वामी है। शुक्र देव कन्या राशि में नीच के तो मीन राशि राशि में उच्च के माने जाते हैं।
मंगल ग्रह 20 जुलाई 2021 को सिंह राशि में गोचर करेंगे। इस राशि में ये 6 सितंबर 2021 तक रहेंगे। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सभी नौ ग्रहों का अपना स्वभाव और अलग-अलग कारक तत्व होते हैं। वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह को सभी ग्रहों का सेनापति का दर्जा मिला हुआ है। इसके अलावा मंगल ग्रह को पृथ्वी पुत्र कहा जाता है। जिन जातकों की कुंडली में मंगल ग्रह शुभ भाव में होते हैं ऐसे लोग काफी बुद्धिमान, प्रतापी और ऊर्जावान होते हैं। ज्योतिष में मंगल को मेष और वृश्चिक राशि का स्वामी माना जाता है। मंगल ग्रह कर्क राशि में ही नीच के और मकर राशि में उच्च राशि के माने जाते हैं।
संचार और वाणी के कारक बुध देव 25 जुलाई रविवार को अपनी स्वराशि मिथुन की यात्रा समाप्त करके चंद्रमा की राशि कर्क में प्रवेश करेंगे। इसके बाद 9 अगस्त को ये सिंह राशि में जाएंगे। बुध के राशि परिवर्तन का प्रभाव युवाओं, शिक्षा और व्यापार के क्षेत्र में सर्वाधिक प्रभाव पड़ता है। बुध चंद्रमा को अपने शत्रु मानते हैं किंतु चंद्रमा बुध को अपना मित्र मानते हैं। तभी इन दोनों के परस्पर विरोधाभासी प्रभाव दिखते रहते है। बुध मिथुन और कन्या राशि के स्वामी होते हैं। मीन राशि में नीच राशिगत और कन्या राशि में उच्च राशिगत में कहे गए हैं।