गणेश जी के इस पांच मिनट के पाठ टल जाते हैं सारे संकट, जानिए विधि
सभी देवो में गणेश जी को सर्वप्रथम पूजनीय माना गया है। इनकी पूजा से सारे विघ्न दूर होते हैं, इसलिए इन्हें विघ्नहर्ता और विघ्नविनाशक भी कहा जाता है। गणेश भगवान बुद्धि के देवता हैं। इनकी कृपा से इंसान को बुद्धि और बल प्राप्त होता है। भगवान गणेश जहां विराजते हैं, वहां रिद्धि-सिद्धि और शुभ लाभ भी विराजते हैं। इनकी कृपा से घर में शुभता और संपन्नता बनी रहती है। हर देव की तरह गणेश जी की पूजा आराधना के लिए भी कई मंत्र और स्तोत्र हैं। इन्हीं में से एक है ''संकट नाशन गणेश स्तोत्र का पाठ'' यह स्तोत्र बहुत ही सिद्ध स्तोत्र माना गया है। इसका पाठ करने में केवल पांच मिनट का समय लगता है। संकट नाशन गणेश स्तोत्र के बारे में कहा जाता है कि यह पाठ करने से बड़े से बड़ा संकट भी टल जाता है। तो चलिए जानते हैं इसे करने की विधि और फायदे....
संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ विधि विधान से किया जाए तो करें निश्चित रूप से आपकी परेशानियां दूर हो जाती हैं, लेकिन इसके लिए आपके मन में अटूट श्रद्धा और विश्वास होना अति आवश्यक होता है। इस पाठ को नियमित रूप से करने पर आपके सारे संकट टल जाते हैं। तो चलिए जानते हैं संकट मोचन पाठ की विधि...
इस पाठ को किसी बुधवार से शुरू कर सकते हैं यदि इस पाठ को आप शुक्ल पक्ष का बुधवार से आरंभ करते हैं तो और भी शुभ रहेगा। गणेश स्तोत्र का पाठ आपको नियमित रूप से 40 दिनों तक लगातार करना है।
जिस दिन आपको पाठ का आरंभ करना हो उस दिन सुबह जल्दी उठकर नित्य कर्मों से निवृत्त होकर स्नानादि करने के पश्चात स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
गणेश जी को प्रणाम करने के बाद उनकी पूजा आरंभ करें। गणेश जी को दूर्वा अवश्य अर्पित करें। इसे पश्चात गणेश नाशन स्तोत्र का पाठ करें। पाठ समाप्त हो जाने के बाद गणेश जी को प्रणाम करते हुए अपनी प्रार्थना करें।
यदि और पूरे नियम और निष्ठा से इस स्तोत्र का पाठ करते हैं तो कुछ ही दिनों में आपको सुखद परिणाम दिखने लगेंगे। जब भी आपके जीवन में किसी प्रकार की कोई परेशानी और संकट हो तो भगवान गणेश आपकी रक्षा करते हैं।