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महाशिवरात्रि 2018: शिवरात्रि पर जरूर करें इस मंत्र का जप, दूर होगा कालसर्प दोष

Wed, 14 Feb 2018 11:58 AM IST
गुंजन वार्ष्णेय, ज्योतिषाचार्य
गुंजन वार्ष्णेय, ज्योतिषाचार्य Updated Wed, 14 Feb 2018 11:58 AM IST
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How to worship god Shiva on Maha Shivratri 2018
महाशिवरात्रि व्रत और शिव पूजन के प्रभाव से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। इस दिन व्रत रखने से मनुष्य मोक्ष को प्राप्त कर लेता है। महादेव को प्रसन्न करने के लिए अनेक व्रत एवं उपवास हैं, जिनसे मोक्ष को आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।  प्राचीन ग्रंथों के अनुसार, इन सभी व्रतों में महाशिवरात्रि व्रत सर्वोत्तम है। यह पर्व फाल्गुन माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है।
How to worship god Shiva on Maha Shivratri 2018
हमारे पुराणों में कहा गया है कि महाशिवरात्रि सौभाग्यवर्द्धक विशिष्ट पर्व है। जैसे गंगा के समान कोई तीर्थ नहीं है, वैसे ही भगवान शिव के समान कोई दूसरा देवता नहीं है और शिवरात्रि से बढ़कर दूसरा कोई व्रत एवं तप नहीं है। कुछ लोग महाशिवरात्रि को शिवजी का जन्म दिवस मानते हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि इस रात्रि में मृत्युलोक पर शिवलिंग का उदय हुआ था। इसी दिन शिवजी का पार्वती से विवाह भी हुआ था। ‘महाशिवरात्रि’ प्रतिवर्ष बड़े ही श्रद्धा व भक्ति भाव से एक महोत्सव के रूप में मनाया जाता है।
How to worship god Shiva on Maha Shivratri 2018
इस दिन चार प्रहर में चार बार पूजन व रुद्राभिषेक संपन्न करना चाहिए। प्रथम प्रहर में दुग्ध द्वारा शिव के ईशान स्वरूप को, द्वितीय प्रहर में दही द्वारा अघोर स्वरूप को, तृतीय प्रहर में घृत द्वारा वामदेव रूप को तथा चतुर्थ प्रहर में मधु द्वारा सद्योजात स्वरूप का अभिषेक कर पूजन करना चाहिए। यदि साधक चार बार पूजन न भी कर सके, तो प्रथम प्रहर में एक बार तो पूजन अवश्य ही करे। महाशिवरात्रि की रात महा सिद्धिदायिनी होती है। इस समय में किए गए दान पुण्य, शिवलिंग की पूजा, स्थापना का विशेष फल प्राप्त होता है।
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महाशिवरात्रि व्रत व शिव पूजन के लाभ

How to worship god Shiva on Maha Shivratri 2018
SHIV PARWATI
शिवरात्रि पर शिवजी की पूजन-अर्चन, व्रत से अनिष्ट ग्रहों की शांति सहज ही सरल रूप में होती है। जन्म कुंडली में अगर कालसर्प दोष हो अथवा राहु-केतु की महादशा, अंतर्दशा पीड़ा दे रही हो। शनि की साढ़ेसाती अथवा ढैय्या कष्टकारी हो, तो महाशिवरात्रि के दिन शिवजी का पूजन व व्रत करना विशेष राहत दिलाता है। महाशिवरात्रि के दिन शिवजी की पूजा करने से सौभाग्य में वृद्धि, संतान प्राप्ति, धन प्राप्ति भी होती है। इस दिन शिव तांडव स्तोत्र का पाठ अवश्य करना चाहिए। आज के दिन शिव-पार्वती की पूजा करने से विवाह योग्य कन्याओं को मनचाहा वर प्राप्त होता है।
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How to worship god Shiva on Maha Shivratri 2018
महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखकर महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से उस घर-परिवार में कोई अकाल मृत्यु नहीं होती व घर के सभी सदस्य स्वस्थ रहते हैं। महाशिवरात्रि से बड़ा कोई परमतत्व नहीं है, शिवरात्रि व्रत एवं शिव पूजन के प्रभाव से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं तथा मनुष्य पृथ्वी के समस्त सुखों को प्राप्त करता है। महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखने से मोक्ष प्राप्ति होती है। शिवरात्रि के दिन शिव जी का रुद्राभिषेक करना या कराना बेहद कारगर सिद्ध होता है। रुद्राभिषेक विभिन्न कामनाओं के लिए रामबाण उपाय है। जो भक्त अनिष्ट ग्रह दशाओं के कारण कष्ट में हों और उन्हें अपनी ग्रहदशा की जानकारी न हो, वह शिवजी पर नाग-नागिन का एक चांदी का जोड़ा शिवरात्रि के दिन चढ़ाएं। इस उपाय को करने से शिव कृपा प्राप्त होती है व सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
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