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इंग्लैंड की राजगद्दी को लेकर बड़ी भविष्यवाणी, खुश होंगे प्रिंस चार्ल्स

Wed, 03 Feb 2016 03:00 PM IST
Updated Wed, 03 Feb 2016 03:00 PM IST
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इंग्लैंड की राजगद्दी को लेकर बड़ी भव‌िष्यवाणी, खुश होंगे प्र‌िंस चार्ल्स

prediction about british throne

ब्रिटेन और राष्ट्रकुल देशों की महारानी एलिजाबेथ द्व‌ि‌तीय को इस समय विश्व में सबसे वृद्ध शासक और ब्रिटेन पर सबसे लम्बे समय तक राज करने वाली रानी होने का गौरव प्राप्त है। गत वर्ष 9 सितंबर 2015 को उन्होंने अपनी परदादी महारानी विक्टोरिया के सबसे लंबे शासनकाल के कीर्तिमान को तोड़कर नया इतिहास रचा था। अब इनके राज काज को लेकर ज्योत‌‌िषशास्‍त्री सच‌िन मल्होत्रा कर रहे हैं बड़ी भव‌िष्यवाणी।


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इंग्लैंड की राजगद्दी को लेकर बड़ी भव‌िष्यवाणी, खुश होंगे प्र‌िंस चार्ल्स

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महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने अभी अपने सार्वजनिक जीवन से सन्यास लेने का कोई संकेत नहीं दिया है। ऐसे में उनके सबसे बड़ी संतान और ब्रिटिश राजघराने के उत्तराधिकारी प्रिंस चार्ल्स के राजा बनाने को लेकर ‌स्थ‌ित‌ि अभी स्पष्ट नहीं है। 14 नवंबर 1948 को जन्मे प्रिंस चार्ल्स अब 67 वर्ष के हो चुके हैं और उनकी माता महारानी एलिजाबेथ इस समय 89 वर्ष की हैं। प्रिंस चार्ल्स सार्वजनिक रूप से कई बार इशारों में अपने राजा बनने को ले कर हो रहे विलम्ब के मामले में अपनी असहजता प्रकट कर चुके हैं।

इंग्लैंड की राजगद्दी को लेकर बड़ी भव‌िष्यवाणी, खुश होंगे प्र‌िंस चार्ल्स

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महारानी एलिजाबेथ का जन्म 21 अप्रैल 1926 को लंदन में हुआ था। उनकी कुंडली मकर लग्न की है जिसमे सूर्य चतुर्थ भाव में और मंगल लग्न में अपने परमोच्च अंशों के निकट स्‍थ‌ित होकर एक महान राजयोग का सृजन कर रहे हैं। 6 फरवरी 1952 को उनके पिता जॉर्ज षष्टम की मृत्यु के बाद एलिजाबेथ को ब्रिटेन की महारानी घोषित किया गया था।

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तब से निर्बाध रूप से पिछले 6 दशक से भी अधिक समय तक महारानी के रूप में अपने निष्कलंक सार्वजानिक जीवन में उनकी लोकप्रियता हमेशा आसमान छूती रही है। वर्तमान में चल रही गुरु में शुक्र की विंशोत्तरी दशा उनके स्वास्थ्य में कुछ गिरावट का संकेत दे रही है। गुरु उनकी कुंडली में लग्न में अपनी नीच राशि मकर में स्‍थ‌ित होकर एकादश भाव में बैठे वक्री शनि से दृष्ट है। अंतर दशा नाथ शुक्र दूसरे घर में मारक-तत्व लेकर रोग देने की आशंका प्रकट कर रहा है।

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दूसरी ओर प्रिंस चार्ल्स की कुंडली को देखें तो 14 नवंबर 1948 को रात्रि 9 बजकर 15 मिनट पर लंदन में जन्मे राजकुमार इस समय गुरु-शनि-शुक्र की परिवर्तनकारी विंशोत्तरी दशा में चल रहे हैं। गुरु उनकी कुंडली में नवमेश, शनि सप्तमेश और शुक्र चतुर्थेश होकर राज्यारोहण का प्रबल योग बना रहे हैं जो क‌ि इस वर्ष जुलाई तक है। ऐसे में ज्योतिषीय दृष्टि से प्रिंस चार्ल्स के इस वर्ष ब्रिटेन की राजगद्दी पर आसीन होने के अच्छे संकेत हैं।

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