फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कुंडली में हो इनमें से एक भी योग तो आपका हो सकता है प्रेम विवाह

Thu, 03 Mar 2016 05:20 PM IST
Updated Thu, 03 Mar 2016 05:20 PM IST
विज्ञापन

कुंडली में हो इनमें से एक भी योग तो आपका हो सकता है प्रेम व‌िवाह

Kundali Astrology Love Marriage Yoga

बहुत सी ऐसी प्रेम कहान‌ियां होती है जो अपने मुकाम तक नहीं पहुंच पाती है यानी इनका संबंध व‌िवाह से पहले ही खत्म हो जाता है। बहाने चाहे कुछ भी बने लेक‌िन कुछ ऐसी स्‍थ‌ित‌ि बनती है क‌ि प्रेम व‌िवाह की बजाय पांरंपर‌िक व‌िवाह के माध्यम से दांपत्य जीवन के सूत्र में प्रेमी बंध जाते हैं। लेक‌िन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं ज‌िनका प्रेम अपनी मंज‌िल को पाने में कामयाब होता है। ज्योत‌िषशास्‍त्र में बताया गया है क‌ि कुछ ऐसे योग हैं जो कुंडली में मौजूद होने पर व्यक्त‌ि का प्रेम व‌िवाह करने में सफल होता है। यहां हम ऐसे ही कुछ योगों की बात करते हैं जो प्रेम व‌िवाह के ल‌िए जरुरी है।

कुंडली में हो इनमें से एक भी योग तो आपका हो सकता है प्रेम व‌िवाह

Kundali Astrology Love Marriage Yoga

ज्योत‌िषशास्‍त्र में प्रेम ‌व‌िवाह के मामले में मुख्य रूप से शुक्र, मंगल, चन्द्रमा और राहु केतु का आकलन क‌िया जाता है। शुक्र पुरूष की कुंडली में यौन संबंध का कारक और गुरू स्‍त्री की कुंडली में यौन व‌िषयों का कारक होता है। चन्द्रमा को पहली नजर में आकर्षण पैदा करने वाला ग्रह माना गया है। जबक‌ि मंगल जोख‌िम लेने और राहु केतु परंपरा को तोड़कर आगे बढ़ने वाला ग्रह है। इसल‌िए इन ग्रहों का प्रेम व‌िवाह में बहुत महत्व होता है।

कुंडली में हो इनमें से एक भी योग तो आपका हो सकता है प्रेम व‌िवाह

Kundali Astrology Love Marriage Yoga

कुंडली में मंगल सातवें घर में होने पर मंगल‌िक योग बनाता है जो वैवाह‌िक जीवन में दूर‌ियां बढ़ाने का काम करता है लेक‌िन यही मंगल जब सातवें घर के स्वामी ग्रह के साथ हो या उसके साथ दृष्ट‌ि संबंध बना रहा हो तब व्यक्त‌ि का प्रेम व‌िवाह होता है। जैसे सातवें घर में तुला या वृष राश‌ि में हो तो उसका स्वामी शुक्र मंगल से चौथे, सातवें या आठवें घर में हो।

विज्ञापन
विज्ञापन

कुंडली में हो इनमें से एक भी योग तो आपका हो सकता है प्रेम व‌िवाह

Kundali Astrology Love Marriage Yoga

कुंडली में शुक्र शन‌ि या राहु के साथ हो या शुक्र से सातवें घर में हो या अन्य अन्य स्‍थान से शन‌ि राहु शुक्र को देख रहे हों तब प्रेम व‌िवाह का योग बनता है।

विज्ञापन

कुंडली में हो इनमें से एक भी योग तो आपका हो सकता है प्रेम व‌िवाह

Kundali Astrology Love Marriage Yoga

शुक्र अगर लग्न या सातवें घर के स्वामी के साथ हो या उसके साथ दृष्ट‌ि संबंध बना रहा हो तब व्यक्त‌ि का प्रेम व‌िवाह होता है। जैसे इस तस्वीर में चन्द्रमा लग्न में अपने घर में शुक्र के साथ है और सातवें घर में शन‌ि अपनी राश‌ि में बैठकर प्रेम व‌िवाह का योग बना रहा है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed