ठंड लोगों को कंपकंपाने लगी है। न्यूनतम तापमान छह डिग्री नीचे तक गिर गया है। मगर, किसानों के सामने इस ठंड में भी अपनी फसलों को निराश्रित पशुओं से बचाने की जद्दोजहद चल रही है। हालात यह है कि फसल बचाने के लिए किसान रात में खेतों पर पहरा देने को मजबूर है। कई किसानों ने तो मचान तक बना रखी है। कहना है कि पशु एक साथ बड़ी संख्या में खेतों में घुसकर उनकी फसल को काफी नुकसान पहुंचा रहे है। इससे निजात दिलाई जाए। गुरुवार को भी चरथावल के बिरालसी गांव निवासी किसान को आवारा गोवंश ने टक्कर मारकर उतारा मौत के घाट उतार दिया।
शाम ढलते ही आवारा पशु किसानों की गेहूं, सरसों, ईंख और चारे की फसलों को चट करने के लिए पहुंच जाते हैं। ठंड के बावजूद किसान रातभर जागकर फसलों की पहरेदारी करने को मजबूर हैं। फसलों को बचाने के लिए किसान समूह में एकत्र होकर लाठी-डंडे लेकर खेतों में पहुंचते हैं। रात के समय अलाव जलाकर ठंड से बचने के प्रयास किए जाते हैं। इस दौरान बीच-बीच में पशुओं को भगाने के लिए शोर-शराबा करने की मजबूरी भी किसानों के सामने हैं।
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मृतक किसान, ग्रामीणों ने बांधा सांड
- फोटो : अमर उजाला
चरथावल के किसान भोपाल (58) पुत्र शिवचरण गुरुवार सुबह घेर में आवारा सांड घुस गया। किसान ने उसे खदेड़ने का प्रयास किया लेकिन उसने अकारामक रुख अपनाते हुए हमला कर दिया। सांड ने किसान की छाती में कई बार सींग मारे। किसान के बेहोश हो जाने के बाद सांड वापस हुआ। गंभीर रूप से घायल किसान को परिजन मुजफ्फरनगर अस्पताल के लिए लेकर गए लेकिन उसने रास्ते में दम तोड दिया। भतीजे अरविंद की सूचना पर पुलिस द्वारा पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
इससे पहले बिजनौर जिले के बुढ़पुरनैन में आवारा गोवंश ने किसान लाखन सिंह की जान ले ली। वहीं शामली के शांतिनगर निवासी दयानंद को सामने से आए एक सांड ने टक्कर मार दी। घायल बुजुर्ग को तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सरकार अपनी जिम्मेदारी समझें
किसान संदीप सोम का कहना है कि सरकार को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। किसानों की क्या खता है। पशु आधी से ज्यादा फसल को चौपट कर देते हैं। ऐसे में किसान क्या करें।
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पहरा देते किसान
- फोटो : अमर उजाला
घट गई है किसानों की आय
किसान कृष्णपाल सिंह का कहना है कि किसानों की आय घट रही है। फसलों में नुकसान बढ़ गया है। प्रशासन अपनी जिम्मेदारी समझते हुए पशुओं का गोशाला में ले जाने का इंतजाम करें।