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EXCLUSIVE: CM बनते ही यह रिकॉर्ड तोड़ देंगे केजरीवाल
विनोद डबास/अमर उजला, दिल्ली
Updated Tue, 24 Dec 2013 11:14 AM IST
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आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल ने कुछ ही समय में देश की राजनीति के कई रिकॉर्ड अपने नाम कर डाले हैं। पार्टी बनाने के महज एक वर्ष के बाद वह सत्ता पर काबिज होने में कामयाब हो गए।
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इतना ही नहीं, उन्होंने 15 वर्ष से दिल्ली को चला रही मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को चुनाव में हरा दिया। इतने लंबे समय तक सत्ता में रहने वाले मुख्यमंत्री को पहली बार हार का सामना करना पड़ा।
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इस 26 दिसंबर को देश में ऐसा पहली बार होगा जब चुनाव में मुख्यमंत्री को हराने वाला नेता, मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठेगा। अभी तक मुख्यमंत्रियों को हराने वाले विधायकों को मंत्री का पद ही मिला है।
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उनसे पहले उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री भुवन चंद खूंडरी हारे थे। वर्ष 1987 में हरियाणा विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री चौ. बंसीलाल को भी हार का मुंह देखना पड़ा था।
करीब चार वर्ष पहले झारखंड के मुख्यमंत्री शिबू सोरेन उप चुनाव में हार गए थे। इसके चलते उन्हें मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र देना पड़ा था।
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चौ. बंसीलाल को तोशाम इलाके में हराने वाले धर्मवीर सिंह को चौ. देवीलाल सरकार में मंत्री पद मिला था। जबकि कोटद्वार में बीसी खंडूरी को चुनाव में मात देने वाले सुरेंद्र सिंह नेगी को भी विजय बहुगुणा सरकार में मंत्री पद से नवाजा गया।
मगर शीला दीक्षित को हराने वाले अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री होंगे। अब वह ऐसे पहले मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं जिन्होंने इतने कम समय के राजनीतिक जीवन में किसी मुख्यमंत्री को हराकर किसी राज्य की सत्ता अपने हाथों में ली है। इससे पहले ऐसा देश में नहीं हुआ।