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टीम केजरीवाल ने मारा पहला बाउंसर
अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 24 Dec 2013 10:33 AM IST
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सरकार बनाने की घोषणा के साथ टीम केजरीवाल ने बिजली कंपनियों पर नकेल कसने की कोशिश शुरू कर दी है।
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पहली नजर रोहिणी पावर प्लांट पर है। पार्टी का आरोप है कि बगैर उत्पादन के बिजली कंपनी करोड़ों रुपये की बिजली खरीद रही है। यही नहीं, कंपनियों के बहीखाते की भी टीम केजरीवाल बारीकी से तफ्तीश कर रही है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने बताया कि रोहिणी पावर प्लांट में 2010 से बिजली का उत्पादन नहीं हुआ है। लेकिन पिछले दो वित्तीय वर्षों में बिजली कंपनी ने इस प्लांट से 300 करोड़ रुपये की बिजली खरीदी है। उन्होंने बताया कि कंपनियों ने अपने बहीखातों में इसी तरह की कई गड़बड़ियां दर्ज की हैं।
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मसलन, उपभोक्ताओं के बिल व बहीखातों में दर्ज उसके भुगतान में फर्क है। फायदा होने के बावजूद बिजली बेचने के नाम पर कंपनियां घाटा दिखाती हैं। उन्होंने बताया कि इसी तरह जल बोर्ड में पाइप लाइन बिछाने, टैंकर भेजने व पानी बेचने पर भी बड़ा घपला हुआ है।
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संजय सिंह ने बताया कि बिजली कंपनियों में बड़े स्तर पर घपलेबाजी की शिकायतें मिल रही हैं। सरकार बनते ही कंपनियों का विशेष ऑडिट कराया जाएगा। इससे सारे घपले उजागर होंगे। उन्होंने दावे के साथ कहा कि आप की सरकार बिजली पर किए गए अपने वादे को पूरा करेगी।
उधर, टीपीडीडीएल के प्रवक्ता अजय महराज का कहना है कि गैस की आपूर्ति बंद होने से अप्रैल 2013 से प्लांट बंद है। इसके पहले यहां से नियमित तौर पर 25-70 मेगावाट के बीच बिजली उत्पादन होता रहा है, इसकी सारी जानकारी डीईआरसी को दी गई है।