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शीला की हार से डरी कांग्रेस अब राहुल को बचाने में जुटी!

Thu, 12 Dec 2013 01:58 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 12 Dec 2013 01:58 PM IST
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congress trying to save rahul gandhi after sheila debacle?

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने नई दिल्ली सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को जो करारी शिकस्त दी, उससे कांग्रेस अब तक सकते में हैं। शायद यही वजह है कि 'आप' के चेतावनी देते ही वह राहुल गांधी को बचाने की कोशिशों में जुट गई है।

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आम आदमी पार्टी के प्रमुख नेताओं में से एक कुमार विश्वास ने बुधवार रात कहा था कि अगर उन्हें अमेठी से चुनाव लड़ने के लिए कहा जाएगा, तो वह अगले ही दिन वहां के लिए रवाना हो जाएंगे।
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जाहिर है, अमेठी से कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी सांसद हैं और यह सीट कांग्रेस का गढ़ मानी जाती है। ऐसे में आम आदमी पार्टी हाई-प्रोफाइल सीट और नेताओं पर निशाना साध रही है।
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प्रवक्ताओं को चुप रहने के निर्देश
इसी सिलसिले की ताजा कड़ी में गुरुवार को खबर आई कि कांग्रेस ने अपने प्रवक्ताओं को निर्देश दिए हैं कि राहुल गांधी के चुनाव क्षेत्र के बारे में कोई बातचीत न की जाए।

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पार्टी ने इस संबंध में अपने प्रवक्ताओं को एसएमएस भेजा है। जाहिर है, आला कमान से मिले इन निर्देशों को प्रवक्ता गंभीरता से लेंगे। सवाल उठ रहा है कि क्या कांग्रेस ने यह कदम आप से डरकर उठाया है।

शीला दीक्षित की हार ने डराया?
सियासी गलियारों में यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर इसकी जरूरत क्या है? क्या कांग्रेस अरविंद केजरीवाल के हाथों शीला दीक्षित को मिली हार से इतनी खौफजदा है कि राहुल गांधी के मामले में कोई मौका नहीं छोड़ना चाहती।

एक तबके का मानना है कि ऐसा कर कांग्रेस अपने विरोधियों को ज्यादा तवज्जो देने से बचना चाहती है।

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दिल्ली विधानसभा चुनावों में काफी दिलचस्प मामला सामने आया था। केजरीवाल ने पहले ही साफ कर दिया था कि कांग्रेस की सबसे बड़ी नेता शीला दीक्षित जहां से चुनाव लड़ेंगी, वह उन्हें वहीं से चुनौती देंगे।


यह सुनिश्चित करने के लिए केजरीवाल ने अंतिम दिन तक पर्चा नहीं दाखिल किया था। शीला दीक्षित ने नामांकन दाखिल करने के लिए आखिरी दिन चुना और उसके तुरंत बाद केजरीवाल भी पर्चा दाखिल कराने पहुंच गए।

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