फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Woolly aphids attack on apple plants in shimla in himachal pradesh

हिमाचल के सेब बगीचों पर वूली एफिड की मार, विशेषज्ञों ने दी ये सलाह

Thu, 28 Nov 2019 12:42 PM IST
अरविन्द ठाकुर विपिन काला, अमर उजाला, शिमला
विपिन काला, अमर उजाला, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Thu, 28 Nov 2019 12:42 PM IST
विज्ञापन
Woolly aphids attack on apple plants in shimla in himachal pradesh
वूली एफिड - फोटो : सोशल मीडिया

हिमाचल के सेब उत्पादित क्षेत्रों में वूली एफिड की मार पड़ी है। इससे बागवान चिंतित हो गए हैं। बागवानों की ओर से बगीचों में यूरिया खाद डालने से वूली एफिड की समस्या पैदा हुई है। बागवानी विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि वैज्ञानिक तरीके से बगीचों का प्रबंधन करें। जिन इलाकों में बगीचों में पेड़ों पर पत्ते हरे हैं, वहां यूरिया की मार नहीं पड़ रही है।

विज्ञापन


जिन क्षेत्रों में सेब पेड़ों के पत्ते झड़ने के बाद बगीचों में यूरिया खाद डाली गई है, वहां बागवान वूली एफिड की मार पड़ने की शिकायतें कर रहे हैं। जिन बागवानों ने बिना वैज्ञानिक सलाह बगीचों में यूरिया खाद डाली, वहां सेब पेड़ों पर वूली एफिड ने हमला बोला है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इन दिनों तापमान दिन में ज्यादा और रात को शून्य से नीचे जा रहा है। ऐसी स्थिति में भी वूली एफिड के हमले की शिकायतें ज्यादा आती हैं। 
विज्ञापन


बागवानी विशेषज्ञ डॉ. एसपी भारद्वाज ने कहा कि सेब के पेड़ों के पत्ते झड़ने के बाद अगर यूरिया डाली गई है और तापमान दिन के समय ज्यादा और रात को कम रहता है तो ऐसी स्थिति में वूली एफिड का हमला होना स्वाभाविक है। जिन क्षेत्रों में सेब के पेड़ों में पत्ते हरे हैं तो बागवान बगीचों में यूरिया डाल सकते हैं। अगर गलत समय पर बगीचों में यूरिया खाद डाली जाती है तो कई बार पेड़ों की बीमों पर फूल आ जाते हैं। इससे सेब के पेड़ों की फसल पर विपरीत असर पड़ता है और एक साल तक फल नहीं लग पाते। 
विज्ञापन
विज्ञापन


वूली एफिड से परेशान बागवान करें छिड़काव
बागवानी विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि बागवान पेड़ों पर जिंक सल्फेट और बोरिक एसिड का घोल बनाकर छिड़काव करें। यह घोल वैज्ञानिक सलाह से ही बनाएं। दो सौ लीटर पानी में 1 किलो जिंक सल्फेट और 200 ग्राम बोरिक एसिड का घोल बनाकर पेड़ों पर छिड़काव करें। यह घोल 20 से 25 पेड़ों में छिड़काव के लिए उपयुक्त रहेगा। जिन पेड़ों पर वूली एफिड की मार पड़ी है, वहां इस घोल का तेज छिड़काव करने से भी राहत मिलेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed