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प्रदेश में सबसे गंदा है जींद का अस्पताल- अनिल विज
जींद/हिन्दी न्यूूज/भ्रष्टाचार
Updated Sat, 27 Jun 2015 11:24 PM IST
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विज ने इस दौरान हाजिरी रजिस्टरों को भी खंगाला जिसमें काफी अनियमितताएं पाए जाने पर वह बिफर गए। उन्होंने मैनुअल एमएलआर बनाने की प्रक्रिया को रोकने के भी निर्देश दिए।
अस्पताल परिसर में महिला और पुरुष शौचालय एकसाथ होने पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए विज ने कहा कि ऐसा वह देश में पहली बार देख रहे हैं।
अस्पताल में स्थित पानी की टंकी में गंदगी मिलने पर उन्होंने सिविल सर्जन से इसे पीकर दिखाने को कहा। उन्होंने सख्त चेेतावनी देते हुए कहा कि व्यवस्था ठीक कर लो नहीं तो आप नहीं या मैं नहीं।
काफिले की गाड़ियों को दूर खड़ा करा पैदल पहुंचे अस्पताल
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने औचक निरीक्षण के दौरान गुप्त रूप से अस्पताल में प्रवेश किया। मंत्री ने अपने काफिले की गाड़ियों को अस्पताल के पास स्थित हुडा कांप्लेक्स में खड़ा करा दिया और वे पैदल चलकर अस्पताल पहुंचे।
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जहां एक आम मरीज की तरह अस्पताल में घूमकर यहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। बाद में अस्पताल प्रशासन को इसकी सूचना लगी।
...अरे इतनी देर बाद भी डॉक्टर नहीं आए
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने दंत चिकित्सक रमेश पांचाल की हाजिरी रजिस्टर में हाजिरी लगी देख उन्हें मौके पर बुलाने को कहा, लेकिन काफी देर बाद भी जब पांचाल नहीं पहुंचे तो विज ने कहा, अरे अस्पताल इतना बड़ा हो गया कि इतनी देर बाद भी डॉक्टर आ नहीं पाए।
इसके बाद दंत चिकित्सक डॉ. जय सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने मंत्री को बताया कि डॉ. पांचाल तो उन्हें मौखिक रूप से छुट्टी पर जाने के लिए बोल गए हैं। जिस पर स्वास्थ्य मंत्री ने डॉ. पांचाल को निलंबित करने के आदेश दे दिए।
स्टाक में विकल्प था, फिर भी लिखी बाहर की दवा
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सीमा वशिष्ठ से अपने बच्चे का उपचार करा रही चाबरी गांव की महिला उर्मिला ने स्वास्थ्य मंत्री को बताया कि वह पिले दो वर्षों से अपने बच्चे का यहां से उपचार करा रही है लेकिन डॉक्टर द्वारा उन्हें जो दवाइयां लिखी जाती हैं, वह यहां उपलब्ध नहीं हैं।
इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने बाल रोग विशेषज्ञ को मौके पर बुलाकर बाहर की दवाइयां लिखने का कारण पूछा तो डॉ. सीमा ने बताया कि जो दवाइयां उन्होंने लिखी हैं वह पहले यहां उपलब्ध थीं, लेकिन अब स्टाक खत्म होने से नहीं मिल पा रही हैं।
इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने सिविल सर्जन से इस दवाई के विकल्प के बारे में पूछा तो सिविल सर्जन ने बताया कि इसका विकल्प उनके पास स्टॉक में मौजूद है। डॉ. सीमा वशिष्ठ द्वारा मरीज को बाहर की दवाई लिखे जाने पर मंत्री ने उन्हें भी निलंबित करने के आदेश दे दिए।
हाजिरी रजिस्टरों की बारीकी से की जांच
अनिल विज ने सिविल सर्जन कार्यालय में जाकर हाजिरी रजिस्टरों की जांच की। इस दौरान जहां एक डॉक्टर रमेश पांचाल को निलंबित कर दिया गया वहीं एक अन्य डॉक्टर डॉ. प्रभूदयाल की हाजिरी भी रजिस्टर में लगी मिली, लेकिन वह किसी काम से उचाना गए थे। जिस पर मंत्री जी ने दूसरे रजिस्टर की भी चेकिंग की।
मित्रता क्लीनिक के स्टाफ को भी लगाई फटकार
निरीक्षण के दौरान जब स्वास्थ्य मंत्री मित्रता क्लीनिक में पहुंचे तो वहां मौजूद स्टाफ आराम फरमा रहा था। मंत्री ने क्लीनिक के मरीजों के रिकार्ड की जांच की।
जांच में मरीजों की संख्या नाममात्र मिली। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने स्टाफ को फटकार लगाते हुए कहा कि अस्पताल में मरीजों की इतनी भीड़ लगी है और आप खाली बैठे हो।
इमरजेंसी की सफाई पर सिविल सर्जन को लगाई फटकार
अनिल विज ने इमरजेंसी की सफाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि आधे से ज्यादा बीमारियां तो यहां वैसे ही जमाकर रखी है। वहीं इमरजेंसी की छत में आई दरार को देखकर भी स्वास्थ्य मंत्री ने सिविल सर्जन से जवाब मांगा और तुरंत पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को बुलाने के आदेश दिए।
स्पेलिंग गलत होने पर भी बिफरे
स्वास्थ्य मंत्री ने इमरजेंसी में मैनुअल एमएलआर बनाने पर ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक को डांटते हुए कहा कि नियम के अनुसार एमएलआर कंप्यूटराइज्ड होनी चाहिए लेकिन यहां मैनुअल बनाई जा रही है।
तैनात चिकित्सक द्वारा एक मरीज की एमएलआर में स्पेलिंग ऑन हैड की जगह ऑन एंड लिखी गई थी। एमएलआर में चिकित्सक द्वारा की गई गलती पर मंत्री ने फटकार लगाते हुए कहा कि इस तरह की मिस्टेक पर अदालत में सफाई देना मुश्किल हो जाएगा।
पुरुष व महिला शौचालय एक साथ, हैरान हुए स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री ने दो नंबर मंजिल पर स्थित वार्डों का निरीक्षण करने के बाद वहां के शौचालयों का भी निरीक्षण किया। महिला व पुरुष शौचालय एक साथ होने पर हैरान होते हुए कहा यह देश में पहली बार देख रहे हैं, जहां पुरुष व महिला शौचालय एक साथ हैं। मंत्री ने सिविल सर्जन को तुरंत शौचालयों को अलग करने के आदेश दिए।
सिविल सर्जन साहब इस पानी को पीकर दिखाओ
अनिल विज ने अस्पताल की छत पर बनी पानी की टंकियों का निरीक्षण किया। टंकी ऊंची होने से स्वास्थ्य मंत्री कुर्सी के सहारे पानी की टंकी पर चढ़े।
टंकी में भरी गंदगी को देख स्वास्थ्य मंत्री बिफर गए और सिविल सर्जन से कहा, साहब पहले आप इस पानी को पीकर दिखाओ।
मना करने पर मंत्री ने सिविल सर्जन को डांटते हुए कहा कि आप पर मरीजों को ठीक करने की जिम्मेदारी है या बीमार करने की। स्वास्थ्य मंत्री ने सिविल सर्जन को हिदायत देते हुए कहा कि पिछली सरकार में जो चला, भूल जाओ। ऐसा चलने वाला नहीं है। अब आप नहीं या मैं नहीं।
अस्पताल परिसर में महिला और पुरुष शौचालय एकसाथ होने पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए विज ने कहा कि ऐसा वह देश में पहली बार देख रहे हैं।
अस्पताल में स्थित पानी की टंकी में गंदगी मिलने पर उन्होंने सिविल सर्जन से इसे पीकर दिखाने को कहा। उन्होंने सख्त चेेतावनी देते हुए कहा कि व्यवस्था ठीक कर लो नहीं तो आप नहीं या मैं नहीं।
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काफिले की गाड़ियों को दूर खड़ा करा पैदल पहुंचे अस्पताल
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने औचक निरीक्षण के दौरान गुप्त रूप से अस्पताल में प्रवेश किया। मंत्री ने अपने काफिले की गाड़ियों को अस्पताल के पास स्थित हुडा कांप्लेक्स में खड़ा करा दिया और वे पैदल चलकर अस्पताल पहुंचे।
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जहां एक आम मरीज की तरह अस्पताल में घूमकर यहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। बाद में अस्पताल प्रशासन को इसकी सूचना लगी।
...अरे इतनी देर बाद भी डॉक्टर नहीं आए
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने दंत चिकित्सक रमेश पांचाल की हाजिरी रजिस्टर में हाजिरी लगी देख उन्हें मौके पर बुलाने को कहा, लेकिन काफी देर बाद भी जब पांचाल नहीं पहुंचे तो विज ने कहा, अरे अस्पताल इतना बड़ा हो गया कि इतनी देर बाद भी डॉक्टर आ नहीं पाए।
इसके बाद दंत चिकित्सक डॉ. जय सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने मंत्री को बताया कि डॉ. पांचाल तो उन्हें मौखिक रूप से छुट्टी पर जाने के लिए बोल गए हैं। जिस पर स्वास्थ्य मंत्री ने डॉ. पांचाल को निलंबित करने के आदेश दे दिए।
स्टाक में विकल्प था, फिर भी लिखी बाहर की दवा
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सीमा वशिष्ठ से अपने बच्चे का उपचार करा रही चाबरी गांव की महिला उर्मिला ने स्वास्थ्य मंत्री को बताया कि वह पिले दो वर्षों से अपने बच्चे का यहां से उपचार करा रही है लेकिन डॉक्टर द्वारा उन्हें जो दवाइयां लिखी जाती हैं, वह यहां उपलब्ध नहीं हैं।
इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने बाल रोग विशेषज्ञ को मौके पर बुलाकर बाहर की दवाइयां लिखने का कारण पूछा तो डॉ. सीमा ने बताया कि जो दवाइयां उन्होंने लिखी हैं वह पहले यहां उपलब्ध थीं, लेकिन अब स्टाक खत्म होने से नहीं मिल पा रही हैं।
इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने सिविल सर्जन से इस दवाई के विकल्प के बारे में पूछा तो सिविल सर्जन ने बताया कि इसका विकल्प उनके पास स्टॉक में मौजूद है। डॉ. सीमा वशिष्ठ द्वारा मरीज को बाहर की दवाई लिखे जाने पर मंत्री ने उन्हें भी निलंबित करने के आदेश दे दिए।
हाजिरी रजिस्टरों की बारीकी से की जांच
अनिल विज ने सिविल सर्जन कार्यालय में जाकर हाजिरी रजिस्टरों की जांच की। इस दौरान जहां एक डॉक्टर रमेश पांचाल को निलंबित कर दिया गया वहीं एक अन्य डॉक्टर डॉ. प्रभूदयाल की हाजिरी भी रजिस्टर में लगी मिली, लेकिन वह किसी काम से उचाना गए थे। जिस पर मंत्री जी ने दूसरे रजिस्टर की भी चेकिंग की।
मित्रता क्लीनिक के स्टाफ को भी लगाई फटकार
निरीक्षण के दौरान जब स्वास्थ्य मंत्री मित्रता क्लीनिक में पहुंचे तो वहां मौजूद स्टाफ आराम फरमा रहा था। मंत्री ने क्लीनिक के मरीजों के रिकार्ड की जांच की।
जांच में मरीजों की संख्या नाममात्र मिली। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने स्टाफ को फटकार लगाते हुए कहा कि अस्पताल में मरीजों की इतनी भीड़ लगी है और आप खाली बैठे हो।
इमरजेंसी की सफाई पर सिविल सर्जन को लगाई फटकार
अनिल विज ने इमरजेंसी की सफाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि आधे से ज्यादा बीमारियां तो यहां वैसे ही जमाकर रखी है। वहीं इमरजेंसी की छत में आई दरार को देखकर भी स्वास्थ्य मंत्री ने सिविल सर्जन से जवाब मांगा और तुरंत पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को बुलाने के आदेश दिए।
स्पेलिंग गलत होने पर भी बिफरे
स्वास्थ्य मंत्री ने इमरजेंसी में मैनुअल एमएलआर बनाने पर ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक को डांटते हुए कहा कि नियम के अनुसार एमएलआर कंप्यूटराइज्ड होनी चाहिए लेकिन यहां मैनुअल बनाई जा रही है।
तैनात चिकित्सक द्वारा एक मरीज की एमएलआर में स्पेलिंग ऑन हैड की जगह ऑन एंड लिखी गई थी। एमएलआर में चिकित्सक द्वारा की गई गलती पर मंत्री ने फटकार लगाते हुए कहा कि इस तरह की मिस्टेक पर अदालत में सफाई देना मुश्किल हो जाएगा।
पुरुष व महिला शौचालय एक साथ, हैरान हुए स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री ने दो नंबर मंजिल पर स्थित वार्डों का निरीक्षण करने के बाद वहां के शौचालयों का भी निरीक्षण किया। महिला व पुरुष शौचालय एक साथ होने पर हैरान होते हुए कहा यह देश में पहली बार देख रहे हैं, जहां पुरुष व महिला शौचालय एक साथ हैं। मंत्री ने सिविल सर्जन को तुरंत शौचालयों को अलग करने के आदेश दिए।
सिविल सर्जन साहब इस पानी को पीकर दिखाओ
अनिल विज ने अस्पताल की छत पर बनी पानी की टंकियों का निरीक्षण किया। टंकी ऊंची होने से स्वास्थ्य मंत्री कुर्सी के सहारे पानी की टंकी पर चढ़े।
टंकी में भरी गंदगी को देख स्वास्थ्य मंत्री बिफर गए और सिविल सर्जन से कहा, साहब पहले आप इस पानी को पीकर दिखाओ।
मना करने पर मंत्री ने सिविल सर्जन को डांटते हुए कहा कि आप पर मरीजों को ठीक करने की जिम्मेदारी है या बीमार करने की। स्वास्थ्य मंत्री ने सिविल सर्जन को हिदायत देते हुए कहा कि पिछली सरकार में जो चला, भूल जाओ। ऐसा चलने वाला नहीं है। अब आप नहीं या मैं नहीं।