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Hindi News ›   News Archives ›   City and States Archives ›   Incomplete proceedings incoming inmate jail Rajesh.

आधी-अधूरी कार्यवाही से ही जेल भेजे गए कैदी राजेश

Tue, 08 Dec 2015 02:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 08 Dec 2015 02:23 AM IST
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गोरखपुर। सजायाफ्ता कैदियों की मेडिकल कॉलेज में भर्ती को लेकर हाईकोर्ट की सख्ती से सांसत में पड़े कॉलेज प्रशासन ने सोमवार को एक और कैदी राजेश द्विवेदी को महाराजगंज जेल भेज दिया। कॉलेज में कैदियों की संख्या जल्द से जल्द कम से कम करने की कवायद में कॉलेज प्रशासन ने बिना कार्यवाही पूरी किये ही राजेश को डिस्चार्ज कर दिया।
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लेकिन जब बाद में इसकी जानकारी हुई तो अफसरों में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में डिस्चार्ज के कागजात दुरुस्त कराने के बाद ही कॉलेज प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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महराजगंज के चौक निवासी राजेश द्विवेदी पिछले आठ नवंबर को जेल से अस्पताल लाया गया था। राजेश को पथरी की शिकायत मिली तो डॉक्टरों ने ऑपरेशन की फैसला लिया। एक सप्ताह पहले उनका ऑपरेशन सर्जन डॉ. आनंद जायसवाल ने किया। राजेश अभी शायद कुछ और दिन कॉलेज के अस्पताल में गुजारते लेकिन इस बीच कैदियों की भर्ती प्रकरण पर उठे सवाल का खामियाजा उनको भी भुगतना पड़ गया। सोमवार को सुबह 10 बजे बिना एसआईसी और प्राचार्य के दस्तखत के उन्हें डिस्चार्ज कर जेल के लिए रवाना कर दिया गया।
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प्राचार्य प्रो. आरपी शर्मा को जब यह बात पता चली तो वे कर्मचारियों पर बिफर पड़े। उन्होंने कहा कि तत्काल कैदी को वापस बुलाया जाय और कार्यवाही पूरी की जाय। लेकिन इस बीच राजेश जेल पुलिस के साथ महाराजगंज जेल में दाखिल हो चुके थे। ऐसे में बिना कैदी को बुलाये ही दोपहर बाद तक कार्यवाही पूरी कर ली गई। लेकिन जब तक कार्यवाही पूरी नहीं हुई कॉलेज प्राचार्य और एसआईसी के होश उड़े रहे।

महाराजगंज के जेल अधीक्षक रंजीत सिंह ने बताया कि राजेश द्विवेदी हत्या के मामले में आजीवन कारावास काट रहे हैं। तबियत खराब होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज भेजा गया था। सोमवार की दोपहर डिस्चार्ज होने के बाद उन्हें फिर जेल में दाखिल कर लिया गया है। उधर कॉलेज प्राचार्य ने बताया कि कर्मचारियों से डिस्चार्ज स्लिप बनाने की प्रक्रिया में थोड़ी गलती हो गई थी। उसे दुरुस्त करा लिया गया है।
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