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कोठी मालिक पर हत्या का मुकदमा, जेल भेजा

Mon, 08 Dec 2014 01:38 AM IST
आगरा, अमर उजाला ब्यूरो
आगरा, अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 08 Dec 2014 01:38 AM IST
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fir against landlord
मासूम कौटिल्य की दर्दनाक मौत के बाद आखिरकार कोठी मालिक पीडब्ल्यूडी के रिटायर्ड इंजीनियर पर कार्रवाई हुई। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। शनिवार देर रात जब पुलिस ने इंजीनियर को गिरफ्तार किया तो उसकी हालत बिगड़ गई। एसएन मेडिकल कालेज अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती करना पड़ा। रविवार सुबह अस्पताल से छुट्टी दी गई।
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बता दें, शनिवार अपराह्न तीन बजे कमला नगर स्थित कृष्णा टावर निवासी डा. मुकेश गौतम का छह वर्षीय बेटा कौटिल्य पड़ोस के बच्चों के साथ घर के पास ही रिटायर्ड इंजीनियर आरके गुप्ता की कोठी के पास खेल रहा था। कोठी नाले के ऊपर अवैध रूप से बनी हुई है। नाला चोक होने के कारण लगभग छह माह से उनकी कोठी के बेसमेंट में सीवर का पानी भरा हुआ है। बच्चे इसी पानी में पत्थर मार रहे थे। शाम लगभग चार बजे सभी बच्चे अपने-अपने घर लौट गए, लेकिन कौटिल्य नहीं आया। इस पर उसकी मां माधवी ढूंढने के लिए निकली। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से बच्चे के बेसमेंट की तरफ जाने की जानकारी हुई। करीब डेढ़ घंटे बाद उसका शव बेसमेंट में नाले की तरफ कीचड़ में धंसा हुआ मिला था। घटना से गुस्साए लोगों ने बच्चे की मौत के लिए रिटायर्ड इंजीनियर को जिम्मेदार ठहराते हुए उसके घर धावा बोलकर पथराव किया था। बच्चे के मामा कृष्णकांत गौतम ने आरके गुप्ता के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। देर रात आरोपी को जब पुलिस पकड़कर थाने लाई तो उनकी हालत बिगड़ गई और अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। सीओ हरीपर्वत अशोक कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी की हालत में सुधार होने पर रविवार शाम को जेल भेज दिया गया।
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डीएम ने दिए जांच के आदेश
डीएम ने रिटायर्ड इंजीनियर द्वारा नाले को पाटकर कोठी बनाने के मामले की जांच के आदेश दिए हैं। नाले पर कोठी कैसे बना ली गई? और संबंधित विभागों ने कार्रवाई क्यों नहीं की? इसकी भी जांच होगी। विभागों से रिपोर्ट मांगी जाएगी। इसके बाद कोठी को ध्वस्त किया जा सकता है।
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