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आरक्षण ने फेर दिया अरमानों पर पानी
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Mon, 07 Sep 2015 12:25 AM IST
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बागपत में जिला पंचायत की जारी हुई आरक्षण की सूची ने सपा के जिलाध्यक्ष समेत कई लोगों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। सारी की सारी तैयारियां धरी रह गईं। जनगणना के जारी हुए आंकड़ों में ओबीसी और एससी की बढ़ी हुई संख्या ने कई का गणित पहले ही बिगाड़ दिया है। अब लोग दूसरे वार्डों में अपनी पैठ तलाशने में जुट गए हैं।
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष वार्ड 19 से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। उनकी उम्मीदों पर आरक्षण ने पानी फेर दिया। उनका वार्ड अनुसूचित वर्ग के लिए आरक्षित हो गया। इससे वह हताश हो गए हैं। उन्होंने तो अन्य किसी वार्ड से लड़ने का इरादा ही छोड़ दिया है।
जिला पंचायत सदस्य सतीश चौधरी वार्ड 12 में जोर-शोर से चुनाव लड़ने की तैयारी में लगे हुए थे। उन्होंने गांव-गांव जाकर बैठकें कीं। लोगों ने उन्हें अपना पूरा समर्थन दिया। इस क्षेत्र से पहले से ही जिला पंचायत सदस्य हैं। इन उम्मीदों को आरक्षण ने करारा झटका दिया है। सतीश चौधरी को भी अब यह क्षेत्र छोड़ना पड़ेगा। यह वार्ड अनुसूचित महिला के लिए आरक्षित हो गया है।
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जिला जिला पंचायत अध्यक्ष योगेश धामा को दोहरा झटका लगा है। वे वार्ड नंबर 2 से तैयारी कर रहे थे। हालांकि यह वार्ड एससी महिला में चला गया, जबकि 3 नंबर वार्ड भी महिला के लिए आरक्षित चला गया है। जबकि वार्ड 15 और वार्ड 19 भी एससी के लिए आरक्षित हो गया है। उनकी पत्नी एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रेनू धामा की वार्ड 15 से लड़ने की तैयारी थी। हालांकि यह वार्ड अब अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो चुका है, जिससे इनके भी अरमान ठंडे पड़ गए। हालांकि रेनू धामा अब दूसरे वार्ड में सेंध लगा रहीं हैं।
वार्ड नंबर पांच से धर्मेंद्र किरठल भी जिला पंचायत की तैयारी में लगा है। हालांकि यह वार्ड महिला के लिए आरक्षित हो गया है। इसलिए धर्मेंद्र किरठल अपने परिवार की महिला को चुनाव मैदान में उतार सकता है। इसके अलावा वार्ड 16 से सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप ठाकुर, 14 से सपा नेता बिल्लू प्रधान, राजू पहलवान, वार्ड 17 से पूर्व जिलाध्यक्ष ओमकार यादव हैं तो वार्ड 20 से देवेंद्र त्यागी हैं।
एक सीट पर सपा के पांच-पांच लोगों में घमासान
वार्ड 17 पर सपा ही ही कई नेता भाग्य आजमा रहे हैं। इनमें आपस में ही मुकाबला होने को है, जिनमें ओमकार यादव, नितिन यादव, हरपाल, फारुख प्रधान और फिरोज हैं। सभी सपा से हैं और सभी इस सीट पर नजर लगाए हुए हैं। जिलाध्यक्ष डॉक्टर एसपी यादव का कहना है कि हाईकमान से निर्देश मिले हैं कि जिन सीटों पर सपा के एक से अधिक लोग हैं, उनमें समन्वय कराकर एक ही व्यक्ति को चुनाव लड़ाएं। इसके लिए उन्हें समझाया जाएगा और एक नाम पर सहमति कराने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि किसी को जबरन अथवा दबाव में लाकर चुनाव लड़ने से नहीं रोका जाएगा।
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समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष वार्ड 19 से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। उनकी उम्मीदों पर आरक्षण ने पानी फेर दिया। उनका वार्ड अनुसूचित वर्ग के लिए आरक्षित हो गया। इससे वह हताश हो गए हैं। उन्होंने तो अन्य किसी वार्ड से लड़ने का इरादा ही छोड़ दिया है।
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जिला पंचायत सदस्य सतीश चौधरी वार्ड 12 में जोर-शोर से चुनाव लड़ने की तैयारी में लगे हुए थे। उन्होंने गांव-गांव जाकर बैठकें कीं। लोगों ने उन्हें अपना पूरा समर्थन दिया। इस क्षेत्र से पहले से ही जिला पंचायत सदस्य हैं। इन उम्मीदों को आरक्षण ने करारा झटका दिया है। सतीश चौधरी को भी अब यह क्षेत्र छोड़ना पड़ेगा। यह वार्ड अनुसूचित महिला के लिए आरक्षित हो गया है।
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जिला जिला पंचायत अध्यक्ष योगेश धामा को दोहरा झटका लगा है। वे वार्ड नंबर 2 से तैयारी कर रहे थे। हालांकि यह वार्ड एससी महिला में चला गया, जबकि 3 नंबर वार्ड भी महिला के लिए आरक्षित चला गया है। जबकि वार्ड 15 और वार्ड 19 भी एससी के लिए आरक्षित हो गया है। उनकी पत्नी एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रेनू धामा की वार्ड 15 से लड़ने की तैयारी थी। हालांकि यह वार्ड अब अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो चुका है, जिससे इनके भी अरमान ठंडे पड़ गए। हालांकि रेनू धामा अब दूसरे वार्ड में सेंध लगा रहीं हैं।
वार्ड नंबर पांच से धर्मेंद्र किरठल भी जिला पंचायत की तैयारी में लगा है। हालांकि यह वार्ड महिला के लिए आरक्षित हो गया है। इसलिए धर्मेंद्र किरठल अपने परिवार की महिला को चुनाव मैदान में उतार सकता है। इसके अलावा वार्ड 16 से सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप ठाकुर, 14 से सपा नेता बिल्लू प्रधान, राजू पहलवान, वार्ड 17 से पूर्व जिलाध्यक्ष ओमकार यादव हैं तो वार्ड 20 से देवेंद्र त्यागी हैं।
एक सीट पर सपा के पांच-पांच लोगों में घमासान
वार्ड 17 पर सपा ही ही कई नेता भाग्य आजमा रहे हैं। इनमें आपस में ही मुकाबला होने को है, जिनमें ओमकार यादव, नितिन यादव, हरपाल, फारुख प्रधान और फिरोज हैं। सभी सपा से हैं और सभी इस सीट पर नजर लगाए हुए हैं। जिलाध्यक्ष डॉक्टर एसपी यादव का कहना है कि हाईकमान से निर्देश मिले हैं कि जिन सीटों पर सपा के एक से अधिक लोग हैं, उनमें समन्वय कराकर एक ही व्यक्ति को चुनाव लड़ाएं। इसके लिए उन्हें समझाया जाएगा और एक नाम पर सहमति कराने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि किसी को जबरन अथवा दबाव में लाकर चुनाव लड़ने से नहीं रोका जाएगा।