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बैसाखी में जमकर बरसे रंग
ब्यूरो/अमर उजाला,हल्द्वानी
Updated Sun, 12 Apr 2015 01:56 AM IST
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नृत्य और संगीत के साथ तीन पानी बैंक्वेट हाल में शनिवार को बैसाखी का पर्व शुरू हो गया। बच्चों ने हनुमान चालीसा और मीराबाई के गीत पर नृत्य पेश कर फिल्म अभिनेता और सांसद राज बब्बर और वित्तमंत्री डा. इंदिरा हृदयेश को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। पंजाबी जन कल्याण समिति, युवा पंजाबी जन कल्याण समिति एवं पंजाबी वूमैन क्लब की ओर से आयोजित दो दिवसीय बैसाखी मेला शनिवार से शुरू हो गया।
राज्यसभा सदस्य राज बब्बर, वित्त मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश, श्रम मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल ने मेले का उद्घाटन किया।
मेले के उद्घाटन पर राज बब्बर ने कहा कि बैसाखी हर्ष, उमंग और तरंगों का त्योहार है। नई फसल के अनाज की खुशबू हमारे जहन में खुशियां भर देती है। किसान मेहनत का फल पाकर खुशी से झूम उठते हैं।
उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारा से मनाते हुए अमन और चैन की दुआएं करनी चाहिए। वित्तमंत्री डा. इंदिरा हृदयेश ने कहा कि बैसाखी का ऐतिहासिक महत्व है। बैसाखी पर्व पर सभी सिख खालसा पंथ के प्रतीक के रूप में केश कंघा, कृपाण, कच्छा और कड़ा धारण करते हैं। श्रम मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल ने कहा कि यह त्योहार संपन्नता, वैभवता और खुशहाली का प्रतीक है।
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राज्यसभा सदस्य राज बब्बर, वित्त मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश, श्रम मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल ने मेले का उद्घाटन किया।
मेले के उद्घाटन पर राज बब्बर ने कहा कि बैसाखी हर्ष, उमंग और तरंगों का त्योहार है। नई फसल के अनाज की खुशबू हमारे जहन में खुशियां भर देती है। किसान मेहनत का फल पाकर खुशी से झूम उठते हैं।
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उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारा से मनाते हुए अमन और चैन की दुआएं करनी चाहिए। वित्तमंत्री डा. इंदिरा हृदयेश ने कहा कि बैसाखी का ऐतिहासिक महत्व है। बैसाखी पर्व पर सभी सिख खालसा पंथ के प्रतीक के रूप में केश कंघा, कृपाण, कच्छा और कड़ा धारण करते हैं। श्रम मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल ने कहा कि यह त्योहार संपन्नता, वैभवता और खुशहाली का प्रतीक है।
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