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महापुरुष दिखाएंगे युवाओं को तरक्की की राह
आशीष कुमार त्रिवेदी/लखनऊ
Updated Tue, 12 Nov 2013 01:49 AM IST
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युवा पीढ़ी भ्रमित है और वह सही रास्ता नहीं ढूंढ पा रही है। ऐसे में शिक्षण संस्थानों को चाहिए कि वह अपने यहां स्टूडेंट्स को महापुरुषों के योगदान से रूबरू करवाएं।
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यह विचार उप्र. संघ लोक सेवा आयोग की पूर्व चेयरमैन प्रवीन तलहा ने व्यक्त किए। मौका था सोमवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के भूगर्भ विज्ञान विभाग में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम का।
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उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में युवा पीढ़ी का मार्ग दर्शन करने के लिए कोई आदर्श स्थापित नहीं हो पा रहे हैं।
ऐसे में उन्हें बताया जाए कि इस देश के महापुरुषों ने कैसे अथक मेहनत करके उच्च आदर्श स्थापित किए हैं।
अभी जानकारी के अभाव में वे दिग्भ्रमित हैं। कार्यक्रम में विधायक रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि देश में उच्च शिक्षा के लिए मौलाना अबुल कलाम आजाद ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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वह ऐसे व्यक्ति थे, जिन्होंने वैज्ञानिक सोच को वर्तमान शिक्षा से जोड़कर उसे और सुदृढ़ बनाने का काम किया। वहीं, कार्यक्रम में वाद-विवाद प्रतियोगिता ‘विज्ञान: वरदान या अभिशाप’ का आयोजन किया गया।
इसमें बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा विभांतिका द्विवेदी ने प्रथम स्थान, एमकॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा एकता गुप्ता ने द्वितीय और एमएससी भूगर्भ विज्ञान विभाग के छात्र सरनजीत सिंह तीसरे स्थान पर रहे।