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यूपी बोर्ड: यहां पढ़ाई की नहीं, नकल की है पूरी तैयारी!
सचिन त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 04 Feb 2014 10:07 AM IST
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यूपी बोर्ड परीक्षाएं तीन मार्च से होनी हैं लेकिन अब तक कक्ष निरीक्षकों की सूची फाइनल करने के लिए विद्यालयों ने अपने-अपने शिक्षकों का ब्यौरा नहीं भेजा है।
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सोमवार को इसकी अंतिम तिथि भी बीत गई पर 687 कॉलेजों में से मात्र 12 ने ही अब तक अपनी सूची भेजी है। एक सोची-समझी रणनीति के तहत शिक्षकों का ब्यौरा नहीं दिया जाता है।
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परीक्षा से ठीक पहले शिक्षकों का सत्यापन नहीं हो पाता और विद्यालय अपने-अपने संस्थानों में नकल का जुगाड़ आसानी से कर लेते हैं।
यूपी बोर्ड की परीक्षाएं अगले महीने से शुरू होनी हैं पर अभी तक कक्ष निरीक्षक फाइनल नहीं हो पाए हैं। कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक ने तीन फरवरी तक सभी कॉलेजों को शिक्षकों का ब्यौरा देने को कहा था।
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सोमवार तक कार्यालय में केवल दो दर्जन कॉलेजों ने अपने शिक्षकों का ब्यौरा दिया। शिक्षक संघ का दावा है कि ऐसा परीक्षा के दौरान नकल कराने के लिए जानबूझकर किया जाता है।
असल में शिक्षा माफिया पहले सेटिंग करके अपने हिसाब से परीक्षा केंद्र बनवाते हैं। उसके बाद शिक्षकों के मूल विषय बदलकर उनका परिचय पत्र बनवाते हैं।
इस तरह जिस विषय की परीक्षा होती है उसी विषय के शिक्षक परीक्षा के दौरान ड्यूटी करते हैं। ये शिक्षक परीक्षा के दौरान स्टूडेंट्स की मदद करते हैं।
परीक्षा से ठीक पहले ड्यूटी लगाने पर जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से शिक्षकों का सत्यापन नहीं होता है यही वजह है कॉलेज शिक्षकों का ब्यौरा उपलब्ध नहीं कराते हैं।