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सिंगल विंडो सिस्टम से कम हुई छात्रों की मशक्कत
आशीष त्रिवेदी/लखनऊ
Updated Sat, 21 Sep 2013 01:27 AM IST
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एलयू से बीकॉम कर चुकीं पूजा ने शुक्रवार दोपहर में डीन स्टूडेंट वेलफेयर ऑफिस में बने सिंगल विंडो सिस्टम में माग्रेशन के लिए फॉर्म भरा।
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शाम करीब सवा चार बजे ही उनके हाथ में माइग्रेशन सर्टिफिकेट था। पूजा की तरह ही अन्य 33 स्टूडेंट्स की भी खुशी का ठिकाना नहीं था।
इन सबने सिंगल विंडो सिस्टम के तहत पहले दिन प्रोविजनल सर्टिफिकेट, माइग्रेशन आदि के लिए अप्लाई किया था।
अभी तक इन सारे कामों के लिए उन्हें यूनिवर्सिटी के अलग-अलग ऑफिसेस के चक्कर काटने पड़ते थे। एलयू में शुक्रवार को सुबह 10:30 बजे सिंगल विंडो सिस्टम शुरू हुआ।
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हलांकि, पहले दिन उतने स्टूडेंट्स नहीं आए लेकिन जो स्टूडेंट अपने साथ एप्लीकेशन के लिए मस्ट डॉक्यूमेंट्स और फीस लाए थे, उन्हें इस सिस्टम से बहुत फायदा मिला।
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पहले दिन जिन 33 स्टूडेंट्स ने अप्लाई किया, उसमें 27 ने माइग्रेशन और छह ने प्रोविजनल सर्टिफिकेट के लिए एप्लीकेशन फॉर्म भरा। एप्लीकेशन फॉर्म भरने के लिए काउंटर सुबह 10:30 बजे से दोपहर एक बजे तक खुला।
एप्लीकेंट्स को उनके सर्टिफिकेट देने के लिए काउंटर शाम चार से पांच बजे तक खोला गया। स्टूडेंट्स ने एलयू एडमिनिस्ट्रेशन के इस सिस्टम की जमकर तारीफ की। उनका कहना है कि इससे टाइम तो बचेगा ही, करप्शन भी रुकेगा।
अभी मिल रहीं ये फैसिलिटीज
-माइग्रेशन
-प्रोविजनल सर्टिफिकेट
-स्टूडेंट्स के बैंक रिलेटेड काम
-रेलवे एमएसटी/ कंसेशन
-बस एमएसी व कंसेशन
-पीएचडी कंसेशन थ्री मंथ्स तक
-लॉन्ग जर्नी कंसेशन