शर्मनाक: लखनऊ यूनीवर्सिटी में जूनियर से उतरवाए कपड़े
लखनऊ विश्वविद्यालय में सीनियर से प्रताड़ित जूनियर ने रैगिंग की लिखित शिकायत की। बीकॉम सेकंड ईयर के छात्र ने आरोप लगाया है कि सीनियर ने उसे कपड़े उतरवाकर पीटा है।
प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने मामले की रिपोर्ट पुलिस को कर दी है और हॉस्टल के प्रोवोस्ट को मामले की जांच कर जल्द रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
एलयू में महमूदाबाद हॉस्टल के बीकॉम सेकंड ईयर के स्टूडेंट अमन शुक्ला ने शिकायत में कहा कि वह छात्रावास के कमरा नंबर 10 में रहने के लिए आया था लेकिन पहले से ही बीएससी तृतीय वर्ष का छात्र रह रहा था।
अमन के अनुसार यह कमरा पूर्व में उसे अलॉट किया गया था लेकिन सीनियर छात्र ने उसे भगा दिया। अमन ने बताया कि सीनियर स्टूडेंट ने उसके कपड़े उतरवा दिए और चश्मा फेंक दिया।
इसके बाद उसे पीटा। कमरे में दो छात्र आराम से रह सकते हैं लेकिन उसे इसमें नहीं रहने दिया जा रहा। छात्र का कहना है कि उसने हॉस्टल के प्रोवोस्ट से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अमन के अनुसार वह महमूदाबाद हॉस्टल में रहने के लिए काफी समय से इधर-उधर भटक रहा है लेकिन अभी तक उसे न्याय नहीं मिल पाया।
एलयू के एडिशनल प्रॉक्टर डॉ. नीरज जैन ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। अगर आरोपी सीनियर छात्र पर दोष सिद्ध हुआ तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जीबी पंत रैगिंग में लिया गया एक्शन
जीबी पंत पॉलीटेक्निक में शुक्रवार को हुई रैगिंग की घटना पर संयुक्त निदेशक समाज कल्याण की फटकार के बाद कड़ी कार्रवाई की शुरुआत की गई।
शनिवार को रैगिंग और मारपीट के आरोपी छात्रों की सूची पुलिस को दी गई। साथ ही शिक्षक रघुवंशी से वार्डन का कार्यभार छीन लिया गया।
सोमवार को संस्थान खुलने पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मोहना रोड स्थित समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित जीबी पंत पॉलीटेक्निक में इस वर्ष एक के बाद एक रैगिंग और मारपीट की घटनाएं हो रही हैं।
इसके बावजूद अभी तक एक भी मामले में पॉलीटेक्निक प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। शुक्रवार को पॉलीटेक्निक में फिर से मारपीट व रैगिंग हुई।
घटना के बाद मौके पर पहुंचे संयुक्त निदेशक समाज कल्याण जी राम ने प्रिंसिपल को जमकर फटकार लगाई थी। इसके बाद शनिवार को पहली बार पॉलीटेक्निक में ठोस कार्रवाई की शुरुआत हुई।
सबसे पहले हॉस्टल वार्डन रघुवंशी को पद से हटा दिया गया। इसके बाद मारपीट व रैगिंग के आरोपी छात्रों के नाम पुलिस को दे दिए गए। अब पॉलीटेक्निक प्रशासन के साथ ही पुलिस अपने हिसाब से मामले की जांच व कार्रवाई करेगी।