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अब स्कूल के प्रधानाचार्य बनाएंगे बजट
अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 11 Oct 2013 03:32 PM IST
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सरकारी स्कूलों में प्रधानाचार्य अब बजट का दुरुपयोग रोकेंगे। इसके लिए उन्हें जरूरी व्यय प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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गुरुवार को मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में अपर निदेशक (गढ़वाल) एनएस राणा ने कहा कि कई मामलों में बजट का फिजूल व्यय पाया जाता है।
आहरण वितरण का अधिकार
कहा कि हाल ही में लागू व्यवस्था के बाद सभी प्रधानाचार्यों को आहरण वितरण का अधिकार दिया जा चुका है, लेकिन उन्हें इसकी ठीक से जानकारी नहीं है। ऐसे में वित्त अधिकारियों से प्रधानाचार्यों के प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि कुछ शिक्षकों को समय पर बिल का भुगतान नहीं होता, जबकि बाद में बिल लगाने वाले रकम पा लेते हैं। ऐसे में पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर भुगतान किया जाना चाहिए।
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जिलेवार बजट समीक्षा
इस दौरान वित्त नियंत्रक प्रमोद कुमार जोशी ने जिलेवार बजट समीक्षा की। बैठक में समस्त वित्त अधिकारी, डायट प्राचार्य रुड़की शशि बाला चौधरी, डायट प्राचार्य पौड़ी गीता नौटियाल आदि मौजूद रहे।
मान्यता के लिए सॉफ्टवेयर
स्कूलों को मान्यता के लिए विभाग सॉफ्टवेयर तैयार करा रहा है। सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय में परियोजना अधिकारी कुसुम पंत ने बताया कि एनआईसी की ओर से बनाए जा रहे इस सॉफ्टवेयर की मदद से स्कूल मान्यता के लिए आनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
इससे यह भी पता चल जाएगा कि स्कूल की फाइल किस स्तर पर लंबित है। बैठक में अजय नौडियाल आदि मौजूद रहे।