राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता को नहीं मिल रहा एलयू में एडमिशन
राष्ट्रपति से नेशनल चाइल्ड अवॉर्ड फॉर एक्सेप्शनल अचीवमेंट पाने वाली
दाखिले के लिए सभी प्रक्रियाएं अपनाने के बावजूद जब उन्हें कहीं से कोई ठोस जवाब नहीं मिला तो उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। 12 जुलाई 2013 को कोर्ट ने लविवि को छात्रा के साथ न्याय करने के आदेश दिए फिर भी विवि में कोई सुनवाई नहीं हुई।
अब कोर्ट ने लविवि के प्रवेश समन्वयक प्रो. एनके खरे को अवमानना का नोटिस जारी किया है। प्रो. खरे को छह सितंबर तक अपना जवाब देना है। लविवि में दाखिले के लिए आवेदन करने वाली छात्रा विभू बाजेपई विवि के रवैये से आहत हैं।
सीबीएसई 12वीं में 91 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली विभु नृत्य और मार्शल आर्ट्स में भी पारंगत हैं। ओवर ऑल परफॉर्मेंस के लिए उन्हें 2010 में नेशनल चाइल्ड अवार्ड फॉर एक्सेप्शनल एचीवमेंट तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल के हाथों मिला था।
विभू कहती हैं कि लविवि की वेबसाइट पर बीए ऑनर्स मनोविज्ञान कोर्स डिस्प्ले हो रहा था और उन्होंने च्वॉइस लॉक होने पर इसी कोर्स में दाखिले की मांग की। बाद में विवि प्रशासन ने बताया कि कोर्स बंद हो चुका है और इसमें प्रवेश नहीं दिया जा सकता। विभु के पास वेबसाइट का वह प्रिंट आउट था जिसमें बीए ऑनर्स मनोविज्ञान दर्शाया गया था।
इधर, प्रो. खरे कहते हैं कि हम कोर्ट के आदेश का अक्षरश: पालन करेंगे। मामले में लीगल सेल से राय ली जा रही है। कोर्ट को जल्द ही जवाब पेश किया जाएगा। छात्रा के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।