पीएचडी के चक्कर में आपके साथ भी न हो जाए ऐसा...
गोमतीनगर क्षेत्र में मेघालय और छत्तीसगढ़ की यूनिवर्सिटी के कथित सेंटर संचालक ने शोध छात्रा को पीएचडी कराने के नाम पर गाइड से 90 हजार रुपये ठग लिए।
शोधपत्र जमा करने के बाद डेढ़ साल से चक्कर काट रहे गाइड ने बुधवार को एसएसपी से शिकायत की। इस पर गोमतीनगर पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करके कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
एल्डिको कॉलोनी निवासी डॉ. वीरेंद्र बहादुर सिंह ने एसएसपी को बताया कि उन्होंने शोध छात्रा कोहिनूर अख्तर को अपने दिशा-निर्देशन में पीएचडी कराने के लिए गोमतीनगर के विश्वास खंड में पवन पांडेय से संपर्क किया था।
वह मेघालय की सीएमजे यूनिवर्सिटी और छत्तीसगढ़ की डॉ. सीवी रमन यूनिवर्सिटी के सेंटर चलाता है। कोहिनूर को अपने अधीन पीएचडी कराने के लिए डॉ. वीरेंद्र ने फीस के रूप में 21 जनवरी 2013 को सेंटर संचालक पवन पांडेय को चेक से 40 हजार रुपये और 24 फरवरी 2013 को दो किस्तों में 45 हजार रुपये जमा किए।
कई और हो चुके जालसाजी का शिकार
पवन ने शुल्क जमा कर रसीद दे दी। शोधपत्र पर नजर डालने के बाद उसे चार प्रतियों में कुरियर से सीएमजे यूनिवर्सिटी के शिलांग ऑफिस भेजा गया।
पवन ने जल्द ही पीएचडी की डिग्री दिलाने का वादा किया था, लेकिन डेढ़ साल से न तो कोहिनूर अख्तर को पीएचडी की डिग्री मिली और न ही रकम।
शोध छात्रा द्वारा दबाव बनाने पर गाइड डॉ. वीरेंद्र ने सेंटर पर जाकर तगादा किया तो पवन गालीगलौज के साथ धमकी देकर भगा दिया।
डॉ. वीरेंद्र ने बताया कि कोहिनूर की तरह उनके दिशा-निर्देशन में आशीष शर्मा, मनीष जैन व अलका जैन ने डॉ. सीवी रमन यूनिवर्सिटी से पीएचडी के लिए फीस जमा की थी। पवन उन्हें भी डिग्री दिलाने में नाकाम रहा। दबाव बनाने पर तीनों का पैसा लौटा दिया था।