इस यूनिवर्सिटी के हजारों स्टूडेंट्स का भविष्य खतरे में
लविवि और संबद्ध कॉलेजों के लगभग 1250 स्टूडेंट्स की मार्क्सशीट केवल उनका पासपोर्ट फोटो रिकॉर्ड में न होने से नहीं बना पा रही हैं। इनमें स्नातक प्रथम वर्ष से लेकर अंतिम वर्ष तक के स्टूडेंट्स शामिल हैं।
सबसे ज्यादा दिक्कत उन अंतिम वर्ष के छात्रों को है क्योंकि मार्क्सशीट न होने से उनको दूसरी जगह प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। विवि ने ऐसे स्टूडेंट्स की सूची वेबसाइट पर डाल जल्द फोटो उपलब्ध कराने को कहा है।
जिन 1250 स्टूडेंट्स की मार्क्सशीट इस चक्कर में फंसी है उनमें एलयू परिसर के भी 164 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। परेशान छात्र विवि से कॉलेजों तक के चक्कर लगा रहे हैं।
हालांकि छात्र-छात्राओं ने फोटो तो उपलब्ध कराना शुरू कर दी हैं लेकिन उनका कहना है कि जब विवि और कॉलेज प्रवेश फार्म से लेकर परीक्षा फॉर्म भरवाने तक सभी जगह फोटो लेते हैं तो वह रिकॉर्ड से कहां चली गईं।
फर्जीवाड़ा न हो इसलिए लगी सिक्योरिटी
स्टूडेंट्स का कहना है कि इस चीज को मार्क्सशीट बनवाने से पहले चेक क्यों नहीं किया गया। अब जबकि प्रवेश प्रक्रिया सिर पर है तो बताया जा रहा है। परीक्षा नियंत्रक एसके शुक्ला ने बताया कि सत्र 2014-15 में ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भरवाने की व्यवस्था नई थी।
इसकी वजह से बहुत से छात्र-छात्राओं की फोटो ऑनलाइन फॉर्म में अपलोड होने से रह गई जिससे ये दिक्कत आई है। अधिकतर कॉलेजों से फोटो आनी शुरू हो चुकी हैं। स्टूडेंट्स को जल्द ही मार्कशीट दे दी जाएगी। पिछले कुछ समय से फर्जी मार्क्सशीट के प्रकरण के चलते उस पर फोटो व सिक्योरिटी फीचर लगाए हैं जिससे कि इनकी डुप्लीकेसी न हो सके।