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एडमिशन में पिछड़ गए यूपी बोर्ड के स्टूडेंट्स
शैलेश अरोड़ा/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 26 Jun 2015 12:46 PM IST
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बीकॉम प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए जारी एलयू की पहली मेरिट लिस्ट में यूपी बोर्ड के स्टूडेंट्स को निराशा हाथ लगी है। प्रॉविजनल लिस्ट में ओपन कैटेगरी के टॉप 100 स्टूडेंट्स की सूची में यूपी बोर्ड के मात्र पांच ही छात्र शामिल हैं।
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वहीं सेंट्रल बोर्ड और सेकेंडरी एजुकेशन की बात करें तो टॉप 100 में 73 स्टूडेंट्स ने जगह पाई है। मेरिट लिस्ट में यूपी बोर्ड की स्थिति को देखते हुए यह सवाल भी खड़ा होता है कि क्या इस बोर्ड के स्टूडेंट्स को प्रवेश में बराबर का अवसर मिल पा रहा है?
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मेरिट के आधार पर प्रवेश के मामले में लखनऊ विश्वविद्यालय का हमेशा से यह पक्ष रहा है कि वह सभी स्टूडेंट्स को एक समान अवसर मिले इसके लिए नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूले का प्रयोग किया जाता है। इससे अन्य बोर्ड और यूपी बोर्ड में कम अंतर रह जाता है।
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लेकिन आंकड़े विश्वविद्यालय के पक्ष को खोखला साबित करने के लिए पर्याप्त हैं। असल में विवि में मेरिट के लिए जिस नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूले को अपनाया जाता है उसमें टॉपर्स में शामिल स्टूडेंट्स को तो फायदा मिलता है लेकिन कम अंक वालों को नहीं।
सीबीएसई और आईएससी में 90 परसेंट अंक पाने स्टूडेंट्स की संख्या यूपी बोर्ड की तुलना में काफी अधिक रहती है। इसी तरह यदि 95 परसेंट और उससे ऊपर अंक पाने वालों की बात करें तो भी यूपी बोर्ड के स्टूडेंट्स की संख्या सीबीएसई और आईएससी से कम है।