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एलयू छात्र ने खोजा स्किन कैंसर का इलाज
अतुल भारद्वाज/लखनऊ
Updated Wed, 13 Nov 2013 03:44 PM IST
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लखनऊ यूनिवर्सिटी के छात्र ने खास सिलबिनिन ड्रग व अल्ट्रावायलेट किरणों के सही इस्तेमाल से स्किन कैंसर का इलाज और आसान बनाया है।
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यह शोध केमिस्ट्री के छात्र और पीएचडी के बाद एलयू में ही शिक्षक बने प्रो. राजेश अग्रवाल ने किया है।
वे मंगलवार को एलयू में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर जंतु विज्ञान विभाग में आयोजित कार्यक्रम में कैंसर कीमोप्रिवेंशन तकनीक के बारे में जानकारी दे रहे थे।
यूएसए की कोलोराडो यूनिवर्सिटी में कैंसर सेंटर स्टडीज में वैज्ञानिक डॉ. अग्रवाल के मुताबिक, सिलबिनिन एक तरह का हर्बल कंपाउंड है।
जोकि भटकटैया नामक पौधे के फूल से निकाला जाता है और अल्ट्रावायलेट किरणों की मदद से मृत होने वाली कोशिकाओं को रिपेयर करने का काम करता है।
इससे स्किन कैंसर के इलाज में मदद मिलती है। पहली स्टेज में ही कैंसर का पता चलने पर इससे इलाज आसान हो जाता है। इस तकनीक का सफल प्रयोग यूनिवर्सिटी की लैब में चूहों पर किया जा चुका है।
इसकी मदद से त्वचा में धूप के चलते बढ़ती उम्र के प्रभाव को भी खत्म किया जा सकता है। यह पूरी प्रक्रिया सिलबिनिन व अल्ट्रावायलेट किरणों की मदद से ही पूरी होती है।
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एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि सिलबिनिन प्रोस्टेट कैंसर में पहले ही उपयोगी साबित हो चुका है।
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