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IIT में दाखिले को बोर्ड के अंक की भी चुनौती
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 24 Apr 2015 04:24 PM IST
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आईआईटी में दाखिले के लिए होने वाली जेईई एडवांस परीक्षा में बैठने के लिए छात्रों को बोर्ड एग्जाम के अंकों की चुनौती से भी पार पाना होगा।
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27 अप्रैल को आने वाले जेईई मेंस के परिणाम से जेईई एडवांस के लिए शीर्ष 1.5 लाख छात्रों का चयन किया जाएगा। इनकी आवेदन प्रक्रिया दो मई से शुरू होगी। बोर्ड ने पहली बार छात्रों के लिए टॉप 20 परसेंटाइल क्राइटेरिया के अलावा 12वीं में 75 अंकों की अनिवार्य योग्यता का विकल्प दिया हुआ है।
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गत वर्ष तक केवल बोर्ड के टॉप 20 परसेंटाइल में जगह बनाने वाले छात्र ही आईआईटी में दाखिला ले सकते थे, लेकिन इस साल से वैकल्पिक तौर पर टॉप 20 परसेंटाइल के बजाय छात्र को 12वीं में कम से कम 75 प्रतिशत अंक लाने की सुविधा भी दे दी गई है।
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इस लिहाज से छात्रों के लिए या तो अपने टॉप 20 परसेंटाइल में जगह बनानी होगी या फिर 12वीं में कम से कम 75 प्रतिशत अंक लाने अनिवार्य होंगे। एससी, एसटी और विकलांग छात्रों के लिए यह क्राइटेरिया 70 प्रतिशत है।
भाषा भी होगी कारगर
टॉप 20 परसेंटाइल क्राइटेरिया में आने के लिए छात्र के पांच विषयों के अंक मान्य होंगे। इसमें फिजिक्स, कैमिस्ट्री और मैथ्स के अलावा चौथे विषय के तौर पर कोई भी भाषा होगी। भाषा के अलावा एक अन्य विषय में भी सर्वाधिक अंकों को ही काउंट किया जाएगा। लिहाजा 12वीं के अंक आईआईटी में दाखिले के लिए बहुत मायने रखते हैं।
आईआईटी में दाखिला काफी मुश्किल है। न केवल परीक्षा के नजरिए से बल्कि अनिवार्य योग्यता के लिहाज से भी। खासकर उत्तराखंड बोर्ड के छात्रों के लिए यह इसलिए चुनौती है कि यहां 75 प्रतिशत अंक लाना आसान नहीं होता। फिर भी छात्रों को पॉजिटिव रहने की जरूरत है।
- मनु पंत, अचीवर्ज क्लासेज