मैनेजमेंट गुरू अरिंदम के IIPM पर देश भर में लगेगा ताला
इंडियन इंस्टीट्यूट आफ प्लानिंग एंड मैनेजमेंट (आईआईपीएम) संस्थान ने देशभर में अपने कैंपस बंद करने का ऐलान किया है।
आईआईपीएम संचालकों ने कहा है कि अब संस्थान में केवल पुराने छात्रों को उनका सत्र पूरा कराया जाएगा, इस साल से नए दाखिले नहीं होंगे। यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) पहले ही इस संस्थान की डिग्रियों को अमान्य करार दे चुका है।
गौरतलब है कि मैनेजमेंट गुरू के नाम से मशहूर अरिंदम चौधरी ने आईआईपीएम के संस्थापक सदस्य और डीन हैं। अरिंदम आईआईपीएम का प्रमुख चेहरा भी हैं। आईआईपीएम की ओर से देशभर में कैंपस चलाए जाते हैं।
दिल्ली सहित देहरादून में भी राजपुर रोड पर इस संस्थान का कैंपस चल रहा था। यहां छात्रों को दाखिला भी दिया जाता रहा है।
यूजीसी पहले ही घोषित कर चुका है अमान्य संस्थान
आईआईपीएम की ओर से अपनी वेबसाइट पर एक सूचना अपलोड की गई है, जिसमें साफ किया गया है कि इस साल से आईआईपीएम किसी भी छात्र को सीधे दाखिला नहीं देगा। अब आईआईपीएम की ओर से केवल विभिन्न संस्थानों के साथ तकनीकी समन्वय स्थापित कर उनके एक्सपर्ट इन संस्थानों में जाएंगे।
आईआईपीएम की ओर से अब इन संस्थानों में छात्रों को ‘सर्टिफिकेट इन प्लानिंग एंड एन्टरप्रेन्योरशिप’ दिया जाएगा। संस्थान ने यह भी साफ कर दिया है कि अब केवल पुराने छात्रों को ही कोर्स पूरा कराया जाएगा।
गौरतलब है कि वर्ष 1973 से शुरू हुआ आईआईपीएम संस्थान लंबे समय से विवादों में रहा है। यूजीसी की ओर से कई बार संस्थान की डिग्रियों को अवैध करार दिया जा चुका है। यहां प्रबंधन सहित कई विषयों में कोर्स चलाए जाते रहे हैं।