फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   hp university will reduce fees.

छात्रों के लिए अच्छी खबर, जल्द फीस घटाएगा एचपीयू

Sat, 25 Apr 2015 10:45 PM IST
Updated Sat, 25 Apr 2015 10:45 PM IST
विज्ञापन
hp university will reduce fees.

प्रदेश सरकार की ओर से फीस वृद्धि मामले में गठित हाई पावर कमेटी की रिपोर्ट आखिर विश्वविद्यालय को मिल गई है। इसमें 15 फीसदी फीस घटाने की सिफारिश की गई है। विवि ने जो 1200 गुना फीस बढ़ाई थी, उससे लाखों छात्रों को राहत मिल सकती है।

विज्ञापन


कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने कहा कि रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में गठित कमेटी की रिपोर्ट उन्हें मिल गई है। इसे वित्त कमेटी की बैठक में रखा जाएगा। उसके बाद इसे अंतिम फैसले को कार्यकारी परिषद की बैठक में लाया जाएगा।
विज्ञापन


हाई पावर कमेटी की सिफारिशों पर लिए फैसले को ही लागू किया जाएगा। सूत्रों की मानें तो रिपोर्ट में फीस कम करने की सिफारिश की गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि फीस में 15 से 20 फीसदी तक कटौती होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

Trending Videos

इन छात्रों को मिलेगी राहत

hp university will reduce fees.

यह प्रदेश में यूजी, पीजी डिग्री/डिप्लोमा और प्रोफेशनल कोर्स करने वाले लाखों छात्रों के लिए बहुत बड़ी राहत होगी। परीक्षा, रजिस्ट्रेशन आदि की फीस में बारह सौ गुना तक बढ़ोतरी की गई है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने छात्र आंदोलन के बाद सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय कमेटी बनाई थी, जिसे बढ़ाई गई फीस पर रिपोर्ट देने को कहा था।

हालांकि, कमेटी ने लगभग तय समयसीमा में सभी तथ्यों की छानबीन कर रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंप दी थी। उसके बाद शिक्षा विभाग के पास यह रिपोर्ट रही। इसे अब विश्वविद्यालय को आगामी फैसले के लिए सौंप दिया गया है।

जुलाई में ईसी की बैठक में लिया था फैसला
प्रदेश विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद की जुलाई 2014 में हुई थी। इसमें रिसोर्स मोबलाइजेशन कमेटी की सिफारिशों पर फीस बढ़ोतरी का फैसला लिया गया। अगस्त में इसकी अधिसूचना जारी कर इसे लागू किया गया। छात्र संगठनों के विरोध के बाद मुख्यमंत्री ने बढ़ी फीस मामले पर रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में कमेटी गठित की थी। अक्तूबर में इसकी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी गई थी। इसके बाद अब इसे विश्वविद्यालय को भेजा गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed