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अक्षम अभ्यर्थियों को बोर्ड ने दी बड़ी राहत

Sat, 29 Nov 2014 01:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला/धर्मशाला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला/धर्मशाला Updated Sat, 29 Nov 2014 01:48 PM IST
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himachal pradesh school education board Dharamsala.

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने सालाना परीक्षाओं और टेट (टीचर इलिजिबिलिटी टेस्ट) में अक्षम अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। बोर्ड ने ऐसे परीक्षार्थी जो दृष्टिहीन एवं लिखने में असमर्थ हैं, को अपने साथ परीक्षा में लाए जाने वाले राइटर की शैक्षणिक योग्यता की शर्त को हटा दिया है।

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अब अभ्यर्थी अपने रिश्तेदार को छोड़ किसी भी शैक्षणिक योग्यता वाले राइटर को ला सकता है। पहले अभ्यर्थी का राइटर उससे कम शैक्षणिक योग्यता वाला होता है, लेकिन अब किसी भी योग्यता वाले राइटर को लाया जा सकेगा। परीक्षा के दौरान ऐसे अभ्यर्थियों पर हर वक्त नजर बनी रहेगी ताकि राइटर अपने स्तर पर पेपर हल न कर सके।
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इसके अलावा बोर्ड ने ऐेसे परीक्षार्थियों को परीक्षा के लिए एक घंटा अतिरिक्त समय देने का भी निर्णय लिया है। बोर्ड ने यह फैसला विकलांगों की नई परीक्षा नीति, कोर्ट और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की सिफारिश पर लिया है। नए सिरे से शुरू इस योजना को पहले से और भी अधिक सरल बना दिया गया है।
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पूर्व में जहां अक्षम बच्चों को राइटर लेने के लिए बोर्ड को आवेदन करने के बाद यहीं से स्वीकृति मिलती थी, अब संबंधित स्कूल प्रधानाचार्य अक्षम अभ्यर्थियों को राइटर की अनुमति देंगे। वहीं टेट व अन्य परीक्षाओं में संबंधित केंद्रों के मुखिया परमिशन देंगे।

स्कूल शिक्षा बोर्ड वार्षिक परीक्षाओं में शारीरिक रूप से अक्षम और दृष्टिहीन परीक्षार्थियों को ई-सीरीज के प्रश्नपत्र उपलब्ध करवाएगा। नेत्रहीन परीक्षार्थी परीक्षाओं में सहायक उपकरण जैसे ब्रेल स्लेट, अबेकस, जियोमैट्री किट का प्रयोग भी कर सकेंगे।

इससे परीक्षार्थियों को पेपर देने में सुविधा मिलेगी। चेयरमैन उमंग फाउंडेशन अजय श्रीवास्तव ने कहा कि इस मुद्दे को उमंग फाउंडेशन ने कई बार बोर्ड के समक्ष उठाया था। अब जो बोर्ड ने फैसला लिया है वह स्वागत योग्य है।


अक्षम, दृष्टीहीनों एवं लिखने में असमर्थ परीक्षार्थियों की स्कूल शिक्षा बोर्ड 30 नवंबर को प्रस्तावित जीटीजी (आर्ट्स) टेट की परीक्षा नई नीति के तहत लेगा। परीक्षा में ऐसे परीक्षार्थी राइटर की सुविधा ले सकेंगे। सालाना परीक्षाओं में भी यह व्यवस्था लागू रहेगी।
बलवीर तेगटा, अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड

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