फर्स्ट ईयर स्टूडेंट्स को सबसे बाद में मिलेगा आईकार्ड
लखनऊ विश्वविद्यालय के फर्स्ट ईयर स्टूडेंट्स को इस साल सबसे
डीटीपी सेल के प्रभारी प्रो. राजीव पांडेय ने अलॉटमेंट लेटर पर स्कैन फोटो और सत्यापन की मुहर न होने के कारण उसे वापस कर दिया है।
उनके फॉर्म वापस करने के बाद शुक्रवार को लविवि प्रशासन ने फैसला किया कि अब वह डिप्टी रजिस्ट्रार (प्रवेश) रमेश अवस्थी से सभी करीब साढ़े सात हजार फॉर्म्स को वेरिफाई कराएगा।
वेरिफिकेशन के बाद ही इस शैक्षिक सत्र 2013-14 में नव प्रवेशित छात्रों का आईकार्ड बनाकर दिया जाएगा। प्रो. राजीव पांडेय कहते हैं कि पिछले वर्षों में काउंसलिंग फॉर्म पर एडमिशन फॉर्म से स्कैन करके स्टूडेंट की फोटो लगाई जाती थी।
इसके बाद इस पर प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के हस्ताक्षर करवाकर सत्यापन की मुहर लगाई जाती थी। इस बार ऐसा कुछ हुआ ही नहीं। इस बार डीन और एचओडी ने अलॉटमेंट लेटर व फॉर्म पर स्टूडेंट्स की फोटो पिन से लगाकर भेज दी है।
ऐसे में अगर किसी स्टूडेंट का गड़बड़ आईकार्ड बन जाए या फिर कोई बाहरी इस खामी का फायदा उठाकर अपना आईकार्ड जारी करवा ले तो बहुत दिक्कत होगी। हम फोटो का सत्यापन करवाए बगैर एक भी आईकार्ड जारी नहीं करेंगे।
इधर, लविवि के प्रवेश समन्वयक प्रो. एनके खरे कहते हैं कि जिस स्टूडेंट ने ऑनलाइन फॉर्म भरा, उसे डीन ऑफिस और विभागाध्यक्ष ऑफिस में वेरिफिकेशन कराने के बाद ही दाखिला दिया गया। इसके बावजूद आईकार्ड नहीं बन रहे।
20-25 दिन और लगेंगे
जानकारी
के अनुसार सभी स्टूडेंट्स के फोटो वेरिफिकेशन में कम से कम 20-25 दिन
लगेंगे। इसके बाद ही फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स को आईकार्ड मिल सकेंगे।
उल्लेखनीय है कि 16 जुलाई से नया शैक्षिक सत्र शुरू हो चुका है।