{"_id":"124-64092","slug":"Lucknow-64092-124","type":"story","status":"publish","title_hn":"...तो टॉप 200 यूनिवर्सिटीज में शामिल होगा लखनऊ विश्वविद्यालय","category":{"title":"Campus Archives","title_hn":"कैंपस आर्काइव","slug":"campus-archives"}}
...तो टॉप 200 यूनिवर्सिटीज में शामिल होगा लखनऊ विश्वविद्यालय
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Sun, 28 Jul 2013 12:44 PM IST
विज्ञापन
लखनऊ विश्वविद्यालय को दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटीज की लिस्ट में शामिल करने के लिए जो भी मदद चाहिए सरकार देने को तैयार है।
विज्ञापन
यह आश्वासन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दिया। वे शनिवार को लविवि के कला संकाय प्रांगण में आयोजित लैपटॉप वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि किसी भी यूनिवर्सिटी को आगे ले जाने की जिम्मेदारी कुलपति की होती है। वे प्रयास करें, हम हर संभव मदद करने को तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि हमने नए मेडिकल कॉलेज खोले और 350 एमबीबीएस की सीटें बढ़ीं। इससे प्रदेश को हर साल नए डॉक्टर मिलेंगे और स्वास्थ्य सेवा बेहतर होगी।
उन्होंने कहा कि सपा की लैपटॉप योजना की नकल राजस्थान की सरकार कर रही है। राजस्थान की सरकार ने लैपटॉप के अलावा साइकिल भी बांटने का ऐलान कर दिया है। बाकी अन्य योजनाओं को लेकर भी प्रदेश की सरकारें नकल उतारने के प्रयास में लगी हैं।
सरकार हमें 50 करोड़ की मदद दे
कार्यक्रम में लविवि के कुलपति डॉ. एसबी निमसे ने कहा कि सरकार अगर हमें 50 करोड़ रुपये की मदद दे तो हम इसे देश की टॉप 200 यूनिवर्सिटीज में शामिल करवा सकते हैं।
विज्ञापन
50 करोड़ रुपये ही हम लविवि के पूर्व छात्रों से जुटाएंगे। उन्होंने बताया कि लविवि में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और नैनो टेक्नोलॉजी के दो नए इंस्टीट्यूट खोले जाने हैं।
विज्ञापन
लविवि की वित्तीय स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। शिक्षक और कर्मचारियों के वेतन पर ही 87 करोड़ रुपये खर्च होते हैं और इसमें से सिर्फ 37 करोड़ ही शासन से वित्तीय मदद मिलती है।
बाकी की रकम तो लविवि के डवलपमेंट फंड से ही खर्च हो रही है। उन्होंने छठे वेतनमान के तहत शिक्षकों को दिए जाने वाले एरियर का भुगतान भी जल्द करने की मांग की।