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लापरवाही: एसपी ने बिना नाम लिखे भेज दिया शपथ पत्र, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी

Thu, 05 Aug 2021 08:42 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 05 Aug 2021 08:42 PM IST
सार

हाईकोर्ट ने बिजनौर जिले के एसपी धर्मवीर सिंह को आदेश देकर यह जानना चाहा था कि इस मामले में पत्रकार पर आईपीसी की 18 धाराएं क्यों लगाई गईं, और इनमें ऐसी धाराएं भी क्यों शामिल हैं जिनका इस विवाद से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है...

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superintendent of police gave affidavit without writing name, Allahabad High Court expressed displeasure
इलाहाबाद हाई कोर्ट - फोटो : Amar Ujala (File)

विस्तार

किसी प्रार्थना पत्र में भी अपना नाम लिखना अनिवार्य होता है, लेकिन जिले के सबसे ऊंचे पुलिस अधिकारी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के सामने एक शपथ पत्र पेश कर दिया, जिसमें उन्होंने अपना नाम तक नहीं लिखा था। इतना ही नहीं, एसपी साहब ने शपथ पत्र लिखते समय वैधानिक शपथ भी नहीं लिखा, जिसे अनिवार्य माना जाता है। एक उच्च अधिकारी के द्वारा इस प्रकार की लापरवाही बरतने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गंभीर नाराजगी जताई और अधिकारी को पेश होने का आदेश दे दिया।

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दरअसल, यह मामला नगीना, बिजनौर के गोशाला विवाद से जुड़ा हुआ है जिसमें एक पत्रकार विनीत नारायण ने कुछ लोगों पर गोशाला की भूमि हड़पने का आरोप लगाया था। अपनी फेसबुक पोस्ट में उन्होंने भूमि विवाद में विहिप नेता चंपत राय के करीबियों का उल्लेख किया था। हालांकि, चंपत राय के भाई ने इसे अपनी मानहानि बताते हुए वाद दायर कर दिया था, जिसके खिलाफ विनीत नारायण ने हाईकोर्ट में अपील कर रखी है। इसी मामले की सुनवाई के दौरान यह मामला पेश आया।
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हाईकोर्ट ने बिजनौर जिले के एसपी धर्मवीर सिंह को आदेश देकर यह जानना चाहा था कि इस मामले में पत्रकार पर आईपीसी की 18 धाराएं क्यों लगाई गईं, और इनमें ऐसी धाराएं भी क्यों शामिल हैं जिनका इस विवाद से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। मामले की अगली सुनवाई छह अगस्त को है। कोर्ट ने अधिकारी को अपने समक्ष पेश होकर अपना पक्ष रखने का आदेश दिया गया है।

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