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छत्तीसगढ़: गाय के गोबर से होगा बिजली का उत्पादन, 2.87 लाख पशुपालक गोबर बेचने के लिए पंजीकृत

Tue, 15 Feb 2022 04:12 PM IST
रोमा रागिनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर Published by: रोमा रागिनी Updated Tue, 15 Feb 2022 04:12 PM IST
सार

छत्तीसगढ़ के पावर प्लांट में गाय के गोबर से बिजली उत्पादन किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 5 उद्यमियों के साथ एमओयू साइन किया है। इस मिशन से जुड़कर पशुपालक कमाई कर सकेंगे। 

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MoUs signed with five entrepreneurs for cow dung-based power generation project in Chattisgarh
छत्तीसगढ़ में गाय के गोबर से बिजली का उत्पादन - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

छत्तीसगढ़ में गाय के गोबर से बिजली का उत्पादन हो सकेगा। पावर प्लांट में गोबर आधारित बिजली उत्पादन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने पांच उद्यमियों के साथ एमओयू साइन किया है। इस योजना से पशुपालकों और स्वयंसहायता समूहों की महिलाओं को भी जोड़ा गया है।
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राज्य के कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे की अध्यक्षता में सोमवार को यहां गोधन न्याय मिशन की पहली बैठक हुई। जिसमें बिजली उत्पादन परियोजना पर चर्चा की गई। विभाग के अनुसार इस प्रोजेक्ट के लिए प्रत्येक उद्यमी 10 करोड़ रुपए का निवेश करेंगे। वहीं बिजली उत्पादन के लिए गौशालाओं से गाय का गोबर खरीदा जाएगा। इसके साथ ही प्राइवेट सेक्टर के डेयरी फार्म से भी गोबर खरीदा जाएगा। 
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मंत्री रविंद्र चौबे ने विभाग के अधिकारियों को गौठन यानी गोशालाओं में उन गतिविधियों में विस्तार लाने की बात कही, जिससे आय हो सके। चौबे ने गौठानों को ग्रामीणों के लिए आजीविका के केंद्र के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इन जगहों पर उत्पादित वर्मीकम्पोस्ट जैसे अन्य उत्पादों के खरीद और बिक्री की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश दिए। मंत्री ने अधिकारियों को नियम और निर्देश तैयार करने के लिए कहा है। जिससे किसान सीधे गोशालाओं से वर्मीकम्पोस्ट और सुपर कम्पोस्ट खाद खरीद सकें।
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11.56 करोड़ का बजट प्रस्तावित
बैठक में गोधन न्याय मिशन के प्रबंध निदेशक डॉ. एस भारतीदासन ने जानकारी देते हुए कहा कि कार्य में तेजी लाने के लिए 11.56 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट प्रस्तावित किया गया है। वहीं उन्होंने कहा कि कृषि, हॉर्टिकल्चर, मत्स्य जैसे विभागों के कर्मचारियों को भी इस मिशन की जानकारी दी जाएगी।


125.22 करोड़ रुपए का गोबर खरीदा गया
विभागीय आंकड़ों के अनुसार 10 हजार 591 गौठन को गोबर खरीदने के लिए चुना गया है। 8 हजार से अधिक गौठन बनाए जाएंगे। 2.87 लाख गो पालकों ने गोबर बेचने के लिए पंजीकरण कराया है। जिसमें 2.04 लाख लोग इस मिशन से जुड़ चुके हैं। अब तक 62.60 लाख किंवटल गोबर खरीदा गया है। जिसके लिए 125.22 करोड़ रुपए चुकाए गए हैं। साथ ही 11 हजार 447 महिला स्वयं सहायता समूह गौठन से जुड़ी है। जिन्होंने गोबर बेचकर 51.53 लाख रुपए कमाए हैं।
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