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Jharkhand: झूठे मामले में एक शख्स ने आठ साल तक काटी जेल, अब झारखंड हाईकोर्ट ने एनसीबी पर ठोका जुर्माना
Sat, 09 Sep 2023 10:15 PM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 09 Sep 2023 10:15 PM IST
सार
झारखंड हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति को झूठे मामले में आठ साल तक जेल में रखने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) पर आठ लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
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Jharkhand High Court
- फोटो : Social Media
विस्तार
एक कहावत है कि 'जिंदगी का हर एक पल कितना कीमती होता है उसको जानने के लिए जेल में बैठे इंसान से पूछो' और सोचो कि एक व्यक्ति को झूठे मामले में आठ साल तक जेल में रहना पड़े तो उसकी मानसिक स्थिति क्या होगी। यह उस शख्स के लिए कितना दर्दनाक होग कि उसने अपने जिंदगी के इतने साल एक कोठरी में बिता दिए। इस शख्स का नाम मंगा सिंह है जो बिहार का निवासी है। एनसीबी ने मंगा सिंह को एक गुप्त सूचना के आधार पर को छह अक्तूबर 2015 को बिहार के गया जिले के बाराचट्टी के एक होटल से गिरफ्तार किया था।
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एनसीबी पर लगाया आठ लाख का जुर्माना
इसके बाद बिहार के निवासी मंगा सिंह ने एक याचिका दायर कर दावा किया कि उन्हें एनसीबी के आदेश पर जेल में अवैध रूप से हिरासत में लिया गया था। मामले पर सुनवाई करते हुए अब झारखंड हाईकोर्ट ने मंगा सिंह को झूठे मामले में जेल में रखने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) पर आठ लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
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मुआवजे के रुप में मिलेगा जुर्माने का पैसा
अदालत ने कहा कि यह जुर्माना मंगा सिंह को मुआवजे के रूप में दिया जाएगा और उसे तुरंत जेल से रिहा करने का आदेश दिया जाता है। याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने कहा कि ब्यूरो ने झूठा मामला दर्ज किया जिसके कारण सिंह जेल में रहे।
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वेटर का काम करता था मंगा सिंह
मंगा सिंह होटल में वेटर का काम करता था, जहां से उसे गिरफ्तार कर रांची लाया गया। एनसीबी ने उसको ड्रग तस्कर दिखाते हुए रांची में मामला दर्ज किया था। इस बीच गया पुलिस ने होटल और उसके आसपास के इलाकों में जांच की तो पता चला कि वह निर्दोष है। एनसीबी ने भी मामले में अपनी जांच की और पाया कि सिंह के खिलाफ गलत तरीके से मामला दर्ज किया गया था।