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Jharkhand: झारखंड विधानसभा की कम बैठकों पर राज्यपाल रमेश बैस ने जताई चिंता, बोले- यह आत्मनिरीक्षण का समय

Tue, 22 Nov 2022 05:43 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Tue, 22 Nov 2022 05:43 PM IST
सार

राज्य विधानसभा के 22वें स्थापना दिवस समारोह में राज्यपाल रमेश बैस ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि नागरिक बहुत आशा और आकांक्षा के साथ एक प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं। ऐसे में जनप्रतिनिधियों को उनके मुद्दों को हल करने के लिए जिम्मेदार होना चाहिए।

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Jharkhand governor Ramesh Bais on reduced assembly sittings says Time for self-introspection
हेमंत सोरेन और राज्यपाल रमेश बैस - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने विधानसभा की बैठकों की संख्या में कमी पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने मंगलवार को विधानसभा सत्र के दौरान कामकाज में बढ़ती बाधाओं पर भी चिंता जताते हुए कहा कि इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देने और आत्मनिरीक्षण करने की जरूरत है। राज्यपाल रमेश बैस ने ये बात राज्य विधानसभा के 22वें स्थापना दिवस समारोह की शुरुआत करते हुए कही।

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राज्यपाल ने जताई चिंता
राज्य विधानसभा के 22वें स्थापना दिवस समारोह में अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि नागरिक बहुत आशा और आकांक्षा के साथ एक प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं। ऐसे में जनप्रतिनिधियों को उनके मुद्दों को हल करने के लिए जिम्मेदार होना चाहिए। राजनीति का आदर्श वाक्य लोगों की सेवा करना और उनकी उम्मीदों पर खरा उतरना होना चाहिए।
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इस मौके पर राज्यपाल रमेश बैस ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी लिबरेशन के तीन बार के विधायक विनोद कुमार सिंह को गिरिडीह जिले के बगोदर निर्वाचन क्षेत्र से सर्वश्रेष्ठ विधायक का पुरस्कार भी प्रदान किया। पुरस्कार ग्रहण करने के दौरान विनोद कुमार सिंह ने सम्मान के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि मैं एक विधायक के रूप में लोगों के मुद्दों को उठाने की कोशिश करता रहा हूं।
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सीएम सोरेन ने कही ये बात
वहीं, इस अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी अपना संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर है जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष की समान भूमिका होती है। हमें मिलकर आदिवासियों, दलितों और दलितों को समाज की मुख्यधारा में लाने का प्रयास करना चाहिए। पिछले 20 वर्षों में उनके लिए कई काम किए गए हैं और बेहतर तरीके से और काम किए जाने की जरूरत है।
इस दौरान सीएम सोरेन ने बताया कि राज्य सरकार ने लगभग 80 प्रतिशत ग्रामीण लोगों को विकास के पथ पर लाने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।

सीएम सोरेन के नेतृत्व में झारखंड के गठन के लक्ष्य के करीब पहुंच रहे- विधानसभा अध्यक्ष  
वहीं, इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने कहा कि राज्य ने अपने गठन के 22 साल पूरे कर लिए हैं और इस अवसर पर झारखंड के उद्देश्यों और उसकी पूर्ति की समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि हम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड के गठन के लक्ष्य के करीब पहुंच रहे हैं।


हालांकि, इस कार्यक्रम में विपक्ष के मुख्य सचेतक बिरंची नारायण मौजूद नहीं रहे। उन्हें कार्यक्रम के लिए न्योता भी दिया गया था। उनकी अनुपस्थिति को लेकर भाजपा के एक नेता ने जानकारी दी कि वे पहले से तय एक कार्यक्रम में शामिल होने के कारण अनुपस्थित रहे। 

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