तीन तलाक को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाने की तैयारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन तलाक पर भारत में चल रही बहस को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाने की तैयारी आला हजरत दरगाह से चल रही है। 24 से 26 तक चलने वाले आला हजरत के उर्स में आने वाले दुनिया भर के आलिमों का पैनल बनाया जाएगा। चर्चा कर रास्ते निकाले जाएंगे कि सरकार की इस कोशिश को किस तरह रोका जा सकता है।
उर्स के दौरान यह मुद्दा उठाने का पूरा खाका तैयार कर लिया गया है। इसमें यह मुद्दा आलिमों के सामने रखा जाएगा कि भारत के संविधान में धर्म से लेकर जातीय आधार तक के कानून बने हुए हैं।
जिसको देश में रहने वाले हर मजहब और जाति के लोग मानते हैं और सम्मान करते हैं। ऐसे में कानून में बदलाव की कोई सूरत नजर नहीं आती। वह भी सिर्फ मुस्लिमों के पर्सनल लॉ में बदलाव की बात की जा रही है। जब कि शरीयत में बदलाव का अधिकार किसी को भी नहीं है, मगर भारत में नरेंद्र मोदी सरकार बदलना चाहती है।
भारत की मोदी सरकार पर दबाव बनवाएं
इसके लिए यहां से तो संयुक्त रूप से तीन तलाक में बदलाव की कोशिश को रोकने के लिए आवाज उठाई जाएगी। यह भी तय किया जाएगा का भारत के अलावा विदेशों से आने वाले आलिम भी अपने-अपने मुल्क की ओर से भारत की मोदी सरकार पर दबाव बनवाएं, इसके लिए रणनीति भी बनाई जाएगी।
इस बात का खुलासा दरगाह आला हजरत स्थित अजहरी मेहमानखाने में शहर काजी मौलाना असजद रजा खां कादरी ने पत्रकारों के समक्ष किया। वह यहां शुक्रवार को उर्स आला हजरत का पोस्टर जारी कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार तीन तलाक को मुद्दा बना कर राजनीतिक लाभ उठाना चाहती है।
क्योंकि उसके पास अब मुद्दे नहीं हैं। सरकार हर स्तर पर फेल हो रही है। देश में मंहगाई का मुद्दा हो या सरहद की हिफाजत, केंद्र की भाजपा सरकार पूरी तरह फेल साबित हो रही है। इसी पर परदा डालने के लिए तीन तलाक का मुद्दा उठा दिया है ताकि आम आदमी का जहन मूल मुद्दों से हट जाए। मगर मुसलमान इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेगा।