बूचड़खाने बंद होने से मांस निर्यात घटने की आशंका
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उत्तर प्रदेश में बूचड़खाने पर प्रतिबंध के बाद भारत के मांस निर्यात में गिरावट की आशंका बढ़ गई है। भारत से होने वाले मांस निर्यात (भैंस मांस) में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 35 फीसदी है।
वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय के तहत काम करने वाले कृषि व प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपिडा) के मुताबिक भैंस मांस के उत्पादन का काम मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र व पंजाब में किया जाता है।
पिछले वित्त वर्ष में भारत ने 26,681.56 करोड़ रुपये के भैंस मांस का निर्यात किया था। एपिडा के मुताबिक भारत से वियतनाम, मलेशिया, मिस्र, सऊदी अरब व इराक जैसे देशों में मुख्य रूप से भैंस मांस का निर्यात किया जाता है।
भैंस मांस के एक निर्यातक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि उत्तर प्रदेश में बूचड़खाने पर होने वाली कार्रवाई को देखते हुए भैंस मांस के निर्यात में आने वाले वित्त वर्ष में 30 फीसदी से अधिक की गिरावट हो सकती है।
कारोबार में दिखने लगी है गिरावट
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष 2016-17 के पहले 10 महीनों में पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले भैंस मांस के निर्यात में 2.4 फीसदी की गिरावट हुई है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक विश्व में होने वाले कुल भैंस निर्यात में भारत की हिस्सेदारी 43 फीसदी है। उत्तर प्रदेश के के एक बड़े मांस निर्यातक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि बूचड़खाने बंद करने के अभियान का असर उनके कारोबार पर दिखने लगा है।
खरीदारों की तरफ से ऑर्डर में 50 फीसदी की कमी आ चुकी है। देश के मांस उद्योग में 2.2 करोड़ लोग कार्यरत हैं और इनमें से 1.5 करोड़ लोग उत्तर प्रदेश के हैं।