{"_id":"5a594e344f1c1ba53f8b48bd","slug":"e-way-bill-system-will-be-launched-all-over-the-country-from-february","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक फरवरी से पूरे देश में शुरू होगी ई-वे बिल प्रणाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक फरवरी से पूरे देश में शुरू होगी ई-वे बिल प्रणाली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Sat, 13 Jan 2018 05:39 AM IST
विज्ञापन
ई वे बिल
- फोटो : SOCIAL MEDIA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ई-वे बिल प्रणाली आगामी एक फरवरी से पूरे देश में लागू हो रही है, जिसके बाद हर राज्य के लिए अलग-अलग परिवहन पास की जरूरत नहीं होगी। इस प्रणाली में ई-बिल के माध्यम से देश भर में सामान ले जाने वाले वाहन वैध होंगे। जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) की तरफ से शुक्रवार को यहां जारी एक बयान में बताया गया कि हर राज्य में 10 किलोमीटर अंदर प्रवेश करने वाले वाहन जिसमें 50,000 रुपये या उससे अधिक के मूल्य के सामान हैं, उसके लिए एक फरवरी 2018 ई-वे बिल अनिवार्य होगा।
जीएसटीएन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) प्रकाश कुमार का कहना है कि इसे शुरू करने के बाद करदाताओं और ट्रांसपोर्टरों को किसी भी टैक्स कार्यालय या चेक पोस्ट पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि ई-वे बिल इलेक्ट्रॉनिक रूप से तैयार किया जा सकता है और इसमें खुद से पैसे कट जाएंगे। बड़े उपयोगकर्ता इस ई-वे बिल की नई प्रणाली को पोर्टल पर मोबाइल ऐप, एसएमएस और ऑफलाइन टूल के जरिए उपयोग कर सकते हैं।
पढ़ें- छोटे कारोबारियों को टैक्स रिफंड देने पर जीएसटी काउंसिल लेगी फैसला, घटाए जा सकते हैं स्लैब
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि ई-वे बिल प्रणाली पहले से ही कर्नाटक, राजस्थान, उत्तराखंड और केरल में शुरू हो चुकी है। अब तक इन राज्यों में प्रतिदिन लगभग 1.4 लाख ई-वे बिल बनते हैं। शेष राज्य अगले पखवाड़े में इसमें शामिल होंगे। जीएसटी के मुताबिक, आगामी 31 जनवरी तक सभी के लिए यह ट्रायल के रूप में उपलब्ध होगा।
विज्ञापन
जीएसटीएन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) प्रकाश कुमार का कहना है कि इसे शुरू करने के बाद करदाताओं और ट्रांसपोर्टरों को किसी भी टैक्स कार्यालय या चेक पोस्ट पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि ई-वे बिल इलेक्ट्रॉनिक रूप से तैयार किया जा सकता है और इसमें खुद से पैसे कट जाएंगे। बड़े उपयोगकर्ता इस ई-वे बिल की नई प्रणाली को पोर्टल पर मोबाइल ऐप, एसएमएस और ऑफलाइन टूल के जरिए उपयोग कर सकते हैं।
विज्ञापन
पढ़ें- छोटे कारोबारियों को टैक्स रिफंड देने पर जीएसटी काउंसिल लेगी फैसला, घटाए जा सकते हैं स्लैब
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि ई-वे बिल प्रणाली पहले से ही कर्नाटक, राजस्थान, उत्तराखंड और केरल में शुरू हो चुकी है। अब तक इन राज्यों में प्रतिदिन लगभग 1.4 लाख ई-वे बिल बनते हैं। शेष राज्य अगले पखवाड़े में इसमें शामिल होंगे। जीएसटी के मुताबिक, आगामी 31 जनवरी तक सभी के लिए यह ट्रायल के रूप में उपलब्ध होगा।