दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने कहा- स्टेरॉइड्स लेने से कम हो रहा इम्युनिटी लेवल, बन रहा म्यूकरमाइकोसिस की वजह
स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने लोगों को बिना चिकित्सक की सलाह के स्टेरॉइड्स लेने से मना किया, कहा- इससे म्यूकरमाइकोसिस होने का खतरा, दवाओं पर केंद्र सरकार का नियंत्रण...
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दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने कहा है कि लोग डॉक्टर की सलाह के बिना स्टेरॉइड्स का इस्तेमाल न करें। क्योंकि स्टेरॉइड्स के कारण शरीर में शुगर का स्तर बढ़ रहा है और इम्युनिटी लेवल कम हो रहा है। इससे लोगों को म्यूकर माइकोसिस हो रहा है। उन्होंने कहा कि म्यूकर माइकोसिस की दवाएं बेहद सीमित हैं और ये केंद्र सरकार एक नियंत्रण में हैं। वह एक कोटे के तहत सभी राज्यों को इसे उपलब्ध करवा रही है। लेकिन दिल्ली सरकार लोगों को दवाएं उपलब्ध कराने पर पूरा ध्यान दे रही है। तब तक लोगों को इससे बचने की कोशिश करनी चाहिए और इसके लिए स्टेरॉइड्स को लेने से बचना चाहिए।
सत्येन्द्र जैन ने कहा कि कोरोना के इलाज के बाद भी लोग सावधान रहें। जब खून में शुगर की मात्रा बढ़ती है तो इम्युनिटी कमजोर होती है। सड़ी-गली चीजों में फंगस होता है। लेकिन कमजोर शरीर वालों पर यह तेज हमला करता है। यही कारण है कि लोगों को स्टेरॉइड्स लेने से बचना चाहिए क्योंकि यह शरीर की इम्युनिटी घटाता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में अभी तक ब्लैक फंगस के 197 मामले आए हैं। इसमें कुछ मरीज दिल्ली के बाहर के भी हैं।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों को स्टेरॉइड्स दिए गए हैं, वे इनके बंद होने के लगभग एक सप्ताह तक पूरी तरह सतर्क रहें। फंगस वाली चीजों को लेकर सतर्क रहें और घर से बाहर न निकलें। साथ ही ब्लैक फंगस से बचने के लिए ब्लड शुगर को कंट्रोल करना बहुत जरूरी है। जब ब्लड शुगर बढ़ता है, तो वायरस, फंगस और बैक्टीरिया बहुत तेजी से अटैक करता है।
ब्लैंक फंगस का घर पर इलाज नहीं हो सकता है। इसकी वजह से ब्लैक फंगस के इलाज की दवाइयां सीधे अस्पतालों को ही दी जा रही हैं।
पर्याप्त बेड्स उपलब्ध
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दिल्ली में 20 मई को 3231 कोरोना के मामले आए और संक्रमण दर 5.5 फीसदी रही है। इससे साबित हो रहा है कि कोरोना कमजोर पड़ रहा है। लेकिन अभी सावधान रहने की जरूरत है। कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए ज्यादा घातक हो सकती है और इससे बचने के लिए सरकार हर संभव तैयारी कर रही है।
उन्होंने कहा कि इस समय दिल्ली में कोरोना मरीजों के लिए पर्याप्त बेड्स उपलब्ध हैं। इस समय कोरोना मरीजों के लिए 16,712 कोविड बेड और 1748 आईसीयू बेड खाली हैं। जरूरत पड़ने पर इनकी संख्या और अधिक बढ़ाई जायेगी।