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यूपी: अाजमगढ़ जेल में महिला कैदी से बलात्कार
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Wed, 22 Jun 2016 10:00 AM IST
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- फोटो : demo pic
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उत्तर प्रदेश में आजमगढ़ मंडल कारागार में हत्या के मामले में निरुद्ध एक महिला बंदी ने मंगलवार को जिला जज को अर्जी देकर बंदी रक्षक पर बलात्कार करने का आरोप लगाया। सोमवार को इस महिला के साथ छेड़खानी की बात सामने आई थी। इस मामले में जिला जज राजेंद्र कुमार ने एक जुलाई तक जेल अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी है।
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एक मामले में आरोपी दंपती जेल में निरुद्ध हैं। पति-पत्नी दोनों अलग-अलग बैरकों में बंद हैं। मंगलवार को इस मामले में आरोप तय होना था।
इसलिए महिला और उसके पति को पेशी पर जिला जज की अदालत में ले जाया गया था। जिला जज की अदालत में सुनवाई के दौरान महिला ने अपने अधिवक्ता जितेंद्र मौर्य के जरिये अर्जी देकर जेल के एक बंदी रक्षक पर बलात्कार करने का आरोप लगाया।
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शिकायत पर अधिकारियों ने दी धमकी
अर्जी में उसने कहा है कि जेल के बंदी रक्षक ने महिला होमगार्ड की मदद से करीब पंद्रह दिन पूर्व उसके साथ बलात्कार किया था। उसने जब अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही तो बंदीरक्षक और महिला होमगार्ड उसे किसी दूसरी जेल में भेजकर प्रताड़ित करने की धमकी दी। इसके बाद बंदीरक्षक उसकी मजबूरी का फायदा उठाने लगा।
बाद में उसने अपने पति को आपबीती बताई। पति ने अधिकारियों से शिकायत की लेकिन जेल अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने में जुट गए। सोमवार को महिला से मिलने उसके घर वाले आए तो उसने अपनी पीड़ा बताई। पति ने घटना को लेकर जेल में हंगामा भी किया था।
लेकिन तब मामला छेड़खानी का बताया गया लेकिन मंगलवार को जिला जज के समक्ष महिला ने बलात्कार का लिखित आरोप लगाया तो सभी स्तब्ध रह गए। इस मामले में जिला जज राजेंद्र कुमार ने एक जुलाई को अगली तिथि मुकर्रर करते हुए निर्धारित तिथि तक जेल अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी है।
मामले पर जेलर आरके दोहरे ने कहा है कि नए भवन में जेल शिफ्ट होने के बाद यहां बंदियों की मनमानी नहीं चलने दी जा रही है। इसलिए कुछ बंदियों ने मिलकर जेल और अधिकारियों को बदनाम करने के लिए यह कुचक्र रचा है।
बाद में उसने अपने पति को आपबीती बताई। पति ने अधिकारियों से शिकायत की लेकिन जेल अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने में जुट गए। सोमवार को महिला से मिलने उसके घर वाले आए तो उसने अपनी पीड़ा बताई। पति ने घटना को लेकर जेल में हंगामा भी किया था।
लेकिन तब मामला छेड़खानी का बताया गया लेकिन मंगलवार को जिला जज के समक्ष महिला ने बलात्कार का लिखित आरोप लगाया तो सभी स्तब्ध रह गए। इस मामले में जिला जज राजेंद्र कुमार ने एक जुलाई को अगली तिथि मुकर्रर करते हुए निर्धारित तिथि तक जेल अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी है।
मामले पर जेलर आरके दोहरे ने कहा है कि नए भवन में जेल शिफ्ट होने के बाद यहां बंदियों की मनमानी नहीं चलने दी जा रही है। इसलिए कुछ बंदियों ने मिलकर जेल और अधिकारियों को बदनाम करने के लिए यह कुचक्र रचा है।