चेन्नई: महिला पुलिसकर्मी भी नहीं सेफ, प्रदर्शनकारियों ने घेरकर बनाया शिकार
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चेन्नई में जल्लीकट्टू को लेकर चल रहे विरोध के बीच एक दिल को दहला देने वाला सच सामने आया। एक महिला पुलिस कर्मी ने खुलासा किया कि बैरिगेटिंग के दौरान वो छेड़छाड़ का शिकार हुई थीं। मंगलवार को हुई घटना में करीब 200 लोगों ने बिल्डिंग को आग लगा दी और इस दौरान इस शर्मनाक हरकत को भी अंजाम दिया।
महिलाकर्मी ने अपने साथी कर्मियों के आगे इस पूरी घटना का खुलासा किया। इसके बाद पुलिस की टीम ने छेड़छाड़ की रिपोर्ट पुलिस कमीश्नर एस जॉर्ज को सौंपी। कमीश्नर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिया है।
मेरे पत्थर मारे गए और जकड़ा भी
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक महिला पुलिसकर्मी ने बताया कि वहशी बन चुके प्रदर्शनकारी हमारी ओर तेजी से बढ़ रहे थे। हमने बैरिगेटिंग करके उन्हें रोकना चाहा, लेकिन वे नहीं रुके। प्रदर्शनकारियों ने हमारे ऊपर पत्थर फेंके जिसकी वजह से कंधों पर कई चोटें आईं।
इतना ही नहीं उन्होंने मुझे जकड़ा और एक-दूसरे की ओर मुझे धक्का देने लगे और कई गलत ढंग से छूने की कोशिश भी की। महिला कर्मी ने आगे बताया कि वो प्रदर्शकारियों का निशाना बन चुकी थी और वो खुद को बचाने की हर कोशिश कर रही थी।
'मेरे पत्थर मारे गए और जकड़ा भी'
महिला पुलिसकर्मी ने आगे बताया कि विरोध के समय हालात बहुत ज्यादा बिगड़ रहे थे, इसलिए महिलाकर्मी अपने बाकी साथियों के साथ स्टेशन की ओर भागने लगीं। लेकिन प्रदर्शकारी इतने उग्र हो गए थे कि उन्होंने बिल्डिंग को आग लगा दी।
इस बीच महिलाकर्मी ने किसी तरह कंट्रोल रूम को खबर की और अपन बचाई। महिला कर्मी के साथ हुई इस हरकत ने महिलाओं के प्रति हो रही घटनाओं को फिर से उजागर कर दिया है।