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बेटे को बचाने के लिए अपने हाथों से ही उजाड़ दिया सुहाग
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 15 Apr 2016 09:17 PM IST
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बेटे को बचाने की खातिर पति की हत्या
- फोटो : demo
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कोलकाता की उस दुखियारी महिला ने आखिरकार 25 साल की यातनाओं से छुटकारा पा ही लिया। लेकिन इस छुटकारे ने उसे हत्यारिन बना दिया। वो अपना ही सुहाग उजाड़ने की गुनहगार बन गई। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक मामला शहर के गारफा इलाके का है। नस्कर पारा लेन की रहिवासी श्रेया चक्रबर्ती पर अपने पति शांतनु चक्रबर्ती को जान से मारने का आरोप है। चौकाने वाली बात ये भी है कि इस वारदात में उसकी सास यानी मृतक की मां का हाथ होने की भी बात कही जा रही है।
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पुलिस को बताई आपबीती के मुताबिक महिला ने शादीशुदा जिंदगी के 25 साल प्रताड़ना में गुजार दिए। महिला का पति शराब का आदी था। महिला पति से मिली हर तरह की शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना सहती रही। लेकिन पति शांतनु ने अपने इकलौते बेटे को मारने की कोशिश की तो बचाव में आई मां ने पति को मार डाला।
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वारदात इतने अचानक हुई कि महिला को पति की हत्या करने से पहले दो बार सोचने तक का वक्त नसीब नहीं हुआ।
किराएदार सुजित घोष के मुताबिक शांतनु चक्रबर्ती एक प्राइवेट फर्म में बतौर सेल्स कर्मचारी कार करता था। वो शराब पीने का इतना आदी हो गया था कि उसे नशा मुक्ति केंद्र तक भेजना पड़ गया था। लेकिन वो वहां से भी भाग गया। नशे के चक्कर में उसने अपनी नौकरी भी गंवा दी। वह तनाव की मरीज हो गया। हर रात वो नशे में धुत होकर घर आता था और अपने बीवी-बच्चे और बूढ़ी मां को पीटता था।
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53 वर्षीय शांतनु दिन-ब-दिन हिंसक होता जा रहा था और परिवार चलाने के लिए जादवपुर यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट श्रेया ने अंग्रेजी का ट्यूशन पढ़ाना शुरू कर दिया।
'पति रोजाना शराब पीकर घर आता था और बीवी-बच्चों को पीटता था'
इकलौते बच्चे की जान बचाने के गुनहगार बन गई मां
- फोटो : demo
शांतनु की मां गौरी देवी के मुताबिक बुधवार की रात वह शराब के नशे में धुत होकर घर आया और बीवी-बच्चे से झगड़ने लगा। गौरी देवी ने बीच-बचाव की कोशिश की तो वह उन पर भी बुरी तरह टूट पड़ा। श्रेया ने कैसे भी अपनी सास को शराबी पति के चंगुल से छुड़ाया और उन्हें अपने कमरे में जाने को कहा। गौरी देवी की मानें तो रात के करीब 2 बजे तक लड़ाई की आवाजें आती रहीं उसके बाद वो सो गई। सुबह जब आंख खुली तो देखा कि शांतनु खून से लथपथ पड़ा था और श्रेया और उसका बेटा वहीं लाश के पास बैठे थे।
इससे पहले झगड़े के दौरान शातनु ने बगीचे में इस्तेमाल होने वाले चाकू से बेटे को मारने की कोशिश की थी। श्रेया ये सब बर्दाश्त नहीं कर सकी और रसोईघर से मूसल उठा लाई और पति के सिर पर दे मारा। वह जमीन पर गिर पड़ा। लेकिन जब उसने उठने की कोशिश की तो बेटे को बचाने की खातिर श्रेया ने बगीचे वाले चाकू से गोदकर पति शांतनु की हत्या कर दी।
बाद में श्रेया ने खुद पुलिस को सूचना दी और अपना जुर्म कबूल किया। पुलिस ने आईपीसी की धारा 302 के तहत श्रेया के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया।
इससे पहले झगड़े के दौरान शातनु ने बगीचे में इस्तेमाल होने वाले चाकू से बेटे को मारने की कोशिश की थी। श्रेया ये सब बर्दाश्त नहीं कर सकी और रसोईघर से मूसल उठा लाई और पति के सिर पर दे मारा। वह जमीन पर गिर पड़ा। लेकिन जब उसने उठने की कोशिश की तो बेटे को बचाने की खातिर श्रेया ने बगीचे वाले चाकू से गोदकर पति शांतनु की हत्या कर दी।
बाद में श्रेया ने खुद पुलिस को सूचना दी और अपना जुर्म कबूल किया। पुलिस ने आईपीसी की धारा 302 के तहत श्रेया के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया।