असली अरोपी भागा तो पुलिस नकली को ले आई और भेज दिया जेल
- असली आरोपी भाग गया तो सांठगांठ कर नकली को जेल भेज दिया
- मेरठ के टीपी नगर थाने में दिया गया करामात को अंजाम
- एएसपी बागपत की जांच रिपोर्ट में सामने आया चौकाने वाला सच
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लगता है यूपी पुलिस का विवादों से चोली-दामन का नाता है। एक बार फिर खाकी वाले अपनी ही चालाकी में फंस गए और वर्दी पर दाग लगा लिया। पुलिस थाने से असली आरोपी भाग गया तो पुलिस सांठगांठ कर नकली को पकड़ लाई और असली आरोपी की जगह नकली को जेल भेज दिया।
बेहद चौकाने वाला ये मामला यूपी के मेरठ का है। हाल ही में टीपी नगर थाने में पुलिस और सपाइयों में संघर्ष हुआ था। जिसमें नामजद आरोपी विकास पुलिस कस्टडी से थाने से भागने में सफल हो गया था। पुलिस ने अपनी गर्दन बचाने के लिए एक नकली आरोपी से सांठगांठ बैठाई और बेकसूर को ही जेल भेज दिया।
सनसनीखेज खुलासा एएसपी बागपत की जांच रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस लापरवाही के लिए एसओ टीपी नगर प्रशांत कपिल जिम्मेदार हैं, जिनके खिलाफ कार्यवाही की संस्तुति की गई है।
जांच रिपोर्ट के मुताबिक समाजवादी महिला सभा की जिलाध्यक्ष संगीता राहुल का बेटा नितिन और उसके दोस्त विकास को टीपीनगर थाने में तैनात दरोगा सर्वेश यादव ने बीती 22 फरवरी को पकड़ा था। संगीता राहुल अपने कार्यकर्ताओं के साथ थाने पहुंची तो पुलिस और सपाइयों में संघर्ष हो गया था। दरोगा पर जानलेवा हमले के आरोप में पुलिस ने संगीता, नितिन और विकास को पकड़ा था। देर रात मामला शांत होने पर नामजद आरोपी विकास थाने से भाग गया था।
पुलिस झूठ पर झूठ बोलती गई और फंसती चली गई
टीपी नगर पुलिस ने खुद को बचाने के लिए विकास निवासी औरंगाबाद भावनपुर को गिरफ्तार कर रातोरात सेटिंग कर जेल भेज दिया। इसका भंडाफोड़ तब हुआ, जब असली नामजद आरोपी विकास ने कोर्ट में सरेंडर करने का प्रार्थना पत्र लगाया।
मामला उजागर होने पर आईजी सुजीत पांडेय और डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने इस प्रकरण की जांच एएसपी बागपत विद्या सागर मिश्र को सौंपी। एएसपी बागपत की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि जेल भेजा विकास बेकसूर है। असली विकास तो टीपी नगर थाने से भागा था। थाने की लिखापढ़ी में विकास असली विकास गुप्ता कॉलोनी, टीपीनगर निवासी है।
देर रात नितिन और विकास की गिरफ्तारी हुई थी। थाने की लिखा पढ़ी में असली विकास का नाम है, लेकिन थाने से नामजद विकास के भागने की बात छिपाने की खातिर पुलिस झूठ पर झूठ बोलती गई और फंसती चली गई। एएसपी बागपत की रिपोर्ट में टीपीनगर थाने की लिखा पढ़ी का भी जिक्र है। एसओ टीपी नगर जिम्मेदार
एएसपी बागपत की रिपोर्ट में एसओ टीपी नगर प्रशांत कपिल आरोपी बने है। जांच रिपोर्ट में साफ लिखा है कि नामजद आरोपी विकास घटना वाली रात को पुलिस अधिकारियों के बुलावे पर थाने आया था। टीपी नगर एसओ की लापरवाही के चलते नामजद विकास थाने से भागा। जिसका खुलासा जांच पड़ताल में हुआ। एसओ प्रशांत के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए।