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क्या हैं जेल के नियम, किस नियम के तहत राम रहीम को मिलेंगे रोजाना 20 रुपये
amarujala.com, Presented By: विकास जांगड़ा
Updated Wed, 30 Aug 2017 01:27 PM IST
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राम रहीम को साध्वी रेप केस में सजा
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आलीशान डेरे में जिंदगी बिताने वाले डेरा प्रमुख को अब जेल में मजदूरी करनी पड़ेगी। जेल के नियम क्या हैं और राम रहीम को किस नियम के तहत 20 रुपये रोजाना मिलेंगे। बता दें कि दो साध्वी से बलात्कार में डेरा मुखी को 20 साल की सजा मिली है।
दरअसल, जेल में कैदियों को तीन श्रेणियों के तहत काम के लिए चुना जाता है। पहली श्रेणी के तहत यदि कोई कैदी पहले से किसी काम को करने में निपुण है, जैसे बाल काटना, पेंटिंग बनाना आदि। ऐसे में जेल के नियमानुसार कैदी को वह काम दिया जाता है, जिसमें वह निपुण होता है। इसकी एक दिन की मजदूरी 40 रुपये होती है।
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दरअसल, जेल में कैदियों को तीन श्रेणियों के तहत काम के लिए चुना जाता है। पहली श्रेणी के तहत यदि कोई कैदी पहले से किसी काम को करने में निपुण है, जैसे बाल काटना, पेंटिंग बनाना आदि। ऐसे में जेल के नियमानुसार कैदी को वह काम दिया जाता है, जिसमें वह निपुण होता है। इसकी एक दिन की मजदूरी 40 रुपये होती है।
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तीसरी श्रेणी के कैदी हैं राम रहीम
राम रहीम सजा
- फोटो : SELF
दूसरी श्रेणी में ऐसे कैदी होते हैं, जिन्हें कोई काम थोड़ा-थोड़ा आता है। उसे ज्यादा सिखाने की जरूरत नहीं पड़ती। ऐसे कैदी को वह काम दिया जाता है, जिसके बारे में उसे पता होता है। इसके लिए कैदी को एक दिन की 35 रुपये मजदूरी मिलती है।
तीसरी श्रेणी में उन कैदियों को शामिल किया जाता है जिन्हें जीविका चलाने के लिए कोई काम नहीं आता। ऐसे अप्रशिक्षित कैदी को घास काटने, पौधों में पानी डालने सहित दूसरे मजदूरी के काम में लगाया जाता है। इन्हें एक दिन में 20 रुपये मजदूरी मिलती है।
मखमली गद्दों पर सोने वाले गुरमीत राम रहीम को कोई भी ऐसा काम नहीं आता है, जिसे वह जेल में कर सके। वह नियमानुसार तीसरी श्रेणी में आता है। ऐसे में उसे मजदूरी करके गुजारा करना पड़ेगा। एक दिन की मजदूरी के लिए उसे 20 रुपये मेहनताना मिलेगा।
तीसरी श्रेणी में उन कैदियों को शामिल किया जाता है जिन्हें जीविका चलाने के लिए कोई काम नहीं आता। ऐसे अप्रशिक्षित कैदी को घास काटने, पौधों में पानी डालने सहित दूसरे मजदूरी के काम में लगाया जाता है। इन्हें एक दिन में 20 रुपये मजदूरी मिलती है।
मखमली गद्दों पर सोने वाले गुरमीत राम रहीम को कोई भी ऐसा काम नहीं आता है, जिसे वह जेल में कर सके। वह नियमानुसार तीसरी श्रेणी में आता है। ऐसे में उसे मजदूरी करके गुजारा करना पड़ेगा। एक दिन की मजदूरी के लिए उसे 20 रुपये मेहनताना मिलेगा।