तीन दिन तक बुजुर्ग दंपति को घर में कैद कर लूटते रहे बदमाश
- मुहल्ले वालों से कहते रहे रिश्तेदार हैं, देखरेख के लिए आए हैं
- लूट की बड़ी वारदात को अंजाम देकर हत्या की तैयारी में थे लुटेरे
- शक होने पर पड़ोसियों ने बुजुर्गों से मिलवाने की जिद की तो खुली पोल
- तीन गिरफ्तार, सरगना रामपुर का रहने वाला, एक अब भी फरार
विस्तार
यूपी के बरेली में दुर्गानगर कॉलोनी के डी-8, पार्ट टू में दिल दहला देने वाली अनोखी वारदात को लुटेरों ने अंजाम दिया। यहां रहने वाले 64 वर्षीय रेलवे के रिटायर मैकेनिक देवीशंकर पाठक और उनकी 61 वर्षीय पत्नी विमलेश पाठक को फिल्मी अंदाज में तीन दिन उनके ही घर में कैद रखकर लुटेरे लूटपाट करते रहे।
पड़ोसी बनकर टंकी से पानी गिरने का झांसा दिया और जैसे ही देवी शंकर बाहर आए उन्हें गन प्वाइंट पर लेकर घर में घुस गए। फिर तीन दिनों तक बुजुर्ग दंपति को मौत का खौफ दिखाकर लूटपाट करते रहे। एक लाख का चेक कटवाकर भुना लिया, घर में रखे जेवर समेट लिए और घर भी अपने नाम कराने के चक्कर में थे लेकिन ऐन वक्त पर पड़ोसियों को शक होने पर तीन लुटेरे पकड़े गए।
एक उस समय घर से बाहर था इसलिए नहीं पकड़ा गया। इस तरह का बरेली में पहला मामला सामने आने के बाद से दहशत है।
देवीशंकर पाठक रेलवे के इज्जतनगर मंडल से मार्च 2012 में रिटायर होने के बाद पत्नी विमलेश पाठक के साथ थाना बारादरी की दुर्गानगर कॉलोनी डी-8 पार्ट टू में बने अपने घर में रहते हैं। सोमवार चार अप्रैल की रात करीब तीन बजे देवी शंकर पाठक के मोबाइल पर तीन मिस्ड कॉल आईं, लेकिन उन्होंने इग्नोर कर दिया। चौथी बार कॉल आने पर फोन रिसीव करते ही उधर से आवाज आई कि तुम्हारा पड़ोसी बोल रहा हूं। तुम्हारी मोटर चलने से सड़क पर पानी आ गया है।
लूट की बड़ी वारदात को अंजाम देकर हत्या की तैयारी में थे लुटेरे
देवीशंकर ने दरवाजा खोलकर मोटर बंद करके जैसे ही घर में चलने को हुए सीढ़ी की तरफ से आए चार लड़कों ने कनपटी पर बंदूक रखकर उन्हें दबोच लिया। बदमाशों ने देवीशंकर को अंदर ले जाने के बाद कुर्सी से हाथ बांध दिए और धमकाने लगे। उन्होंने अलमारी और संदूक की चाबी लेकर जेवर और 12 हजार रुपये की नकदी निकाल ली।
मंगलवार की सुबह करीब दस बजे संदूक में रखे बख्शे से चेक बुक और पासबुक लेकर बदमाशों ने बुजुर्ग दंपति को गन प्वाइंट पर लेकर उनके खाली चेक पर हस्ताक्षर करा लिए। इसके बाद उनके दो साथी चेक लेकर बैंक पहुंचे।
बैंक से देवीशंकर की बात करा दी। उनके असलहों के बल पर धमकाकर यह कहलवाया कि मेरी पत्नी बीमार है। आप इन लड़कों को रुपए दे दो। यह उनके रिश्तेदार हैं। छह अप्रैल बुधवार को संदूक में मिले मकान के कागज देखकर बदमाशों को लालच आ गया।
विमलेश पाठक ने अपने छोटे बेटे के पुत्र अंकित पाठक के नाम मकान की वसीयत करा रखी थी। दोपहर करीब दो बजे ऑटो रिक्शा से दो बदमाश विमलेश पाठक को रजिस्ट्रार के ऑफिस ले गए। उनके पति उनके दो साथियों के कब्जे में थे। विमलेश से बदमाशों ने कहा कि तुम्हें 12 अनाथ बच्चों के नाम यह मकान कराना है। इसलिए वसीयत खारिज कराना है।
शक होने पर पड़ोसियों ने बुजुर्गों से मिलवाने की जिद की तो खुली पोल
यह रजिस्ट्रार के सामने कह देना। डर की वजह से उन्होंने ऐसे ही कर दिया और वसीयत खारिज कर दी। जब बुजुर्ग दंपति को बाहर निकलता लोगों ने नहीं देखा तो शक हुआ।
बृहस्पतिवार को पड़ोसियों ने देवीशंकर का दरवाजा खटखटाया, लेकिन उन्होंने नहीं खोला। फोन पर भी बदमाशों ने पड़ोसी से बात नहीं होने दी। इस पर लोगों ने देवीशंकर का घर घेर लिया। घर में ही तीन बदमाश पकड़े गए।
इनमें से राहुल कुमार गंगवार निवासी ग्राम रजपुरा, थाना मिलक, जिला रामपुर गैंग का सरगना है। बाकी चेतन अरोड़ा और उनका नाबालिग साथी संजयनगर कॉलोनी का रहने वाला है। चौथा साथी संजय कुमार मीरगंज का रहने वाला बताया जा रहा है। साथियों के पकड़े जाने से पहले ही वह मकान से निकल गया था।
प्रभारी निरीक्षक कमरुल हसन ने बताया कि बदमाशों से सोने के दो आइटम और 27 हजार रुपए बरामद हुए हैं।