{"_id":"596d949f4f1c1b545a8b472b","slug":"rape-with-carcasses-after-family-s-murder-in-allahabad","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"प्यार में नाकाम युवक ने पूरे परिवार का किया कत्ल, शवों से किया रेप","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
प्यार में नाकाम युवक ने पूरे परिवार का किया कत्ल, शवों से किया रेप
amarujal.com, Presented By: आसिफ़ इक़बाल
Updated Tue, 18 Jul 2017 10:40 AM IST
विज्ञापन
प्यार में नाकाम होने पर रची हत्या की साज़िश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महज 20-22 साल के युवकों ने नवाबगंज के जूड़ापुर में दंपति और दो बेटियों की हत्या में ऐसी बर्बरता की थी, जिसे जानकर पुलिसवाले भी कांप गए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि इंतकाम की आग में जल रहे नीरज मौर्या और उसके दोस्तों ने कविता और उसकी छोटी बहन सरिता का बेरहमी से कत्ल करने के बाद गैंगरेप किया था।
यानी इन हैवानों ने दोनों बहनों के शवों से बलात्कार किया था। कविता के नाजुक अंग पर भी मूसल से प्रहार किया था। पुलिस अधिकारियों ने भी माना कि दिल्ली के बहुचर्चित निर्भया कांड सरीखी दरिंदगी करते हुए नीरज और उसके साथियों ने हैवानियत में घूमंतू अपराधी गिरोह बावरिया को भी पीछे छोड़ दिया।
23 अप्रैल की रात हुए चर्चित जूड़ापुर हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपियों लखनपुर करन गांव के नीरज मौर्या, प्रदीप कुमार पटेल, मोहित पाल तथा तुलसीपुर गांव के सत्येंद्र पटेल को पुलिस ने सोमवार को मीडिया के सामने पेश किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
यानी इन हैवानों ने दोनों बहनों के शवों से बलात्कार किया था। कविता के नाजुक अंग पर भी मूसल से प्रहार किया था। पुलिस अधिकारियों ने भी माना कि दिल्ली के बहुचर्चित निर्भया कांड सरीखी दरिंदगी करते हुए नीरज और उसके साथियों ने हैवानियत में घूमंतू अपराधी गिरोह बावरिया को भी पीछे छोड़ दिया।
विज्ञापन
23 अप्रैल की रात हुए चर्चित जूड़ापुर हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपियों लखनपुर करन गांव के नीरज मौर्या, प्रदीप कुमार पटेल, मोहित पाल तथा तुलसीपुर गांव के सत्येंद्र पटेल को पुलिस ने सोमवार को मीडिया के सामने पेश किया।
विज्ञापन
प्यार ने बना दिया कातिल
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि बीएससी प्रथम वर्ष के छात्र नीरज मौर्या और एमए की छात्रा कविता करीब साल भर से पचदेवरा स्थित इंटर कॉलेज में कक्षा आठ तक के बच्चों को पढ़ाने जाते थे। उनके बीच गहरी दोस्ती हो गई थी।
कविता ने अपने घर के पास स्थित एक निजी कंपनी बीएलआर की एजेंट बनकर तमाम लोगों से बाजार से आधी कीमत पर साइकिल दिलाने के लिए पैसे जमा कराए थे। उसने नीरज से भी कहा तो उसने अपने छह रिश्तेदारों से करीब साढ़े सात हजार रुपये जमा कराए।
वह कविता पर फिदा था इसलिए उसके लिए कुछ भी करने को तैयार रहता था। घटना से करीब तीन महीने पहले नीरज को लगा कि कविता उससे मिलने और बात करने से कतराने लगी है। धीरे-धीरे उसके मन में कविता के लिए गुस्सा बढ़ता गया।
वह उससे अपने पैसे मांगने लगा। मगर नीरज का आरोप है कि कविता ने उसे अपमानित किया और कहा कि मैं पैसे नहीं लौटाने वाली, तुम्हें जो करना है, कर लो।
कविता ने अपने घर के पास स्थित एक निजी कंपनी बीएलआर की एजेंट बनकर तमाम लोगों से बाजार से आधी कीमत पर साइकिल दिलाने के लिए पैसे जमा कराए थे। उसने नीरज से भी कहा तो उसने अपने छह रिश्तेदारों से करीब साढ़े सात हजार रुपये जमा कराए।
वह कविता पर फिदा था इसलिए उसके लिए कुछ भी करने को तैयार रहता था। घटना से करीब तीन महीने पहले नीरज को लगा कि कविता उससे मिलने और बात करने से कतराने लगी है। धीरे-धीरे उसके मन में कविता के लिए गुस्सा बढ़ता गया।
वह उससे अपने पैसे मांगने लगा। मगर नीरज का आरोप है कि कविता ने उसे अपमानित किया और कहा कि मैं पैसे नहीं लौटाने वाली, तुम्हें जो करना है, कर लो।
दो दिन पहले रची थी वारदात की साजिश
कविता से इश्क में नाकामी के बाद पैसे लौटाने की बजाय धमकाए जाने से नीरज बौखला गया। उसके सीने में बदले की आग जलने लगी, हालांकि उसने कविता के सामने गुस्से का जाहिर नहीं किया और रोज स्कूल में पढ़ाने जाता तो उससे मिलता रहा।
नीरज ने कुबूला कि उसने घटना से दो दिन पहले ठान लिया कि अब कविता को सबक सिखाकर रहेगा। दरअसल, 21 अप्रैल को उसे कविता ने फोन किया और कहा कि उसका भाई रंजीत प्रतापगढ़ चला गया है। वह कई दिन बाद आएगा।
इसलिए नीरज उसे तीन दिन बाद 24 अप्रैल को एमए की परीक्षा दिलाने के लिए बाइक पर लालगोपालगंज ले चले। नीरज को पता चला कि रंजीत घर में नहीं है तो उसने इसे कविता से अपने अपमान का बदला लेने का सही मौका माना और दोस्तों मोहित, सत्येंद्र, प्रदीप से बात की। उन्हें वारदात में मदद के लिए राजी कर लिया।
नीरज ने कुबूला कि उसने घटना से दो दिन पहले ठान लिया कि अब कविता को सबक सिखाकर रहेगा। दरअसल, 21 अप्रैल को उसे कविता ने फोन किया और कहा कि उसका भाई रंजीत प्रतापगढ़ चला गया है। वह कई दिन बाद आएगा।
इसलिए नीरज उसे तीन दिन बाद 24 अप्रैल को एमए की परीक्षा दिलाने के लिए बाइक पर लालगोपालगंज ले चले। नीरज को पता चला कि रंजीत घर में नहीं है तो उसने इसे कविता से अपने अपमान का बदला लेने का सही मौका माना और दोस्तों मोहित, सत्येंद्र, प्रदीप से बात की। उन्हें वारदात में मदद के लिए राजी कर लिया।
खून से सने कातिलों ने शवों से किया रेप
23 अप्रैल की शाम नीरज अपने घर से दो चाकू लेकर बाइक पर मोहित पाल की बहन की शादी में पहुंचा। वहीं प्रदीप और सत्येंद्र भी मिले। रात में बारातियों और रिश्तेदारों को भोजन कराने के बाद शादी समारोह से नीरज, मोहित, प्रदीप, सत्येंद्र दो बाइक पर करीब एक किलोमीटर दूर स्थित सहावपुर गांव पहुंचे।
नशे के लिए आरोपियों ने भोला मुनक्का खाया था। फिर कविता के घर के बाहर जाकर रात करीब 11.50 पर नीरज ने पेट्रोल लेने के बहाने उसे फोन किया। दरवाजा खुलते ही नीरज, प्रदीप, सत्येंद्र ने कविता को मुंह दबाकर भीतर खींच लिया।
मोहित बाहर ही खड़ा रहा। उन तीनों ने घर में रखा मूसल उठाकर कविता पर कई वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद तख्त पर सो रहे उसके पिता मक्खनलाल गुप्ता, मां मीरा, छोटी बहन सविता को भी चाकू और मूसल से मार डाला।
हैवानियत की हद यह कि खून से सने होने के बावजूद नीरज और उसके दो साथियों ने कविता और सविता की लाश से रेप किया। तीनों युवकों ने दरिंदगी के बाद कविता के नाजुक अंग पर भी मूसल से वार किया था। फिर आलमारी का लॉक तोड़ा और उसमें कुछ नहीं मिला, तो घर से निकल गए।
नशे के लिए आरोपियों ने भोला मुनक्का खाया था। फिर कविता के घर के बाहर जाकर रात करीब 11.50 पर नीरज ने पेट्रोल लेने के बहाने उसे फोन किया। दरवाजा खुलते ही नीरज, प्रदीप, सत्येंद्र ने कविता को मुंह दबाकर भीतर खींच लिया।
मोहित बाहर ही खड़ा रहा। उन तीनों ने घर में रखा मूसल उठाकर कविता पर कई वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद तख्त पर सो रहे उसके पिता मक्खनलाल गुप्ता, मां मीरा, छोटी बहन सविता को भी चाकू और मूसल से मार डाला।
हैवानियत की हद यह कि खून से सने होने के बावजूद नीरज और उसके दो साथियों ने कविता और सविता की लाश से रेप किया। तीनों युवकों ने दरिंदगी के बाद कविता के नाजुक अंग पर भी मूसल से वार किया था। फिर आलमारी का लॉक तोड़ा और उसमें कुछ नहीं मिला, तो घर से निकल गए।
यह है क्राइम ऑफ पैशन
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने भी नए उम्र के इन चार युवकों के जघन्य कारनामे पर हैरानी जताते हुए कहा कि यह क्राइम ऑफ पैशन यानी जुनून में किया गया अपराध है। जांच और तमाम लोगों से बातचीत में पता चला कि नीरज उग्र स्वभाव का है।
जरा सी बात पर वह मरने-मारने पर आमादा हो जाता था। कविता से रिश्ते में नाकामी और फिर उसकी झिड़कियों ने नीरज के मन में ऐसा गुस्सा भर दिया कि उसने कविता और सविता की हत्या के बाद लाश से बलात्कार कर डाला।
जरा सी बात पर वह मरने-मारने पर आमादा हो जाता था। कविता से रिश्ते में नाकामी और फिर उसकी झिड़कियों ने नीरज के मन में ऐसा गुस्सा भर दिया कि उसने कविता और सविता की हत्या के बाद लाश से बलात्कार कर डाला।