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रिश्ते को बचाने के लिए मां-बाप ने बनाया खतरनाक प्लान, पुलिस भी हैरान
amarujala.com, Presented by: शारुख खान
Updated Thu, 23 Nov 2017 11:23 PM IST
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फाइल
- फोटो : सांकेतिक चित्र
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पिता बेटी को नाजायज मानता था। इसलिए रोजघर में लड़ाई रहती थी। रोज-रोज की किचकिच से छुटकारा पाने के लिए मां-बाप ने ऐसा खतरनाक प्लान बनाया हर कोई हैरान रह गया। जानिए पूरी कहानी।
घटना उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले की है। कैंपियरगंज में पिता उमेश राजभर बेटी सोनाली को अपना नहीं मानता था। उसे रास्ते से हटाने के बाद ही वह पत्नी को साथ रखने को राजी था। यही वजह थी कि दोनों ने मिलकर तीन साल की बच्ची का गला घोंट दिया।
पढ़ें:- अवैध संबंधों में बाधा बन रहा था, इसलिए प्रेमी के साथ मिलकर पति को ठिकाने लगाया
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इसके बाद गांव के सुरेंद्र और लल्लू की मदद से उसे नदी के किनारे दफना दिया। पुलिस ने गिरफ्तार बेटी के हत्यारोपी मां-बाप को गुरुवार को जेल भेज दिया। साथ ही शव दफनाने में मददगार बने दो और लोगों को नामजद कर उनकी तलाश शुरू कर दी।
कैंपियरगंज के गुलहरिहा गांव के उमेश राजभर की शादी पांच साल पहले गुलहरिहा के करमहां बुजुर्ग गांव के बाबूराम की बेटी सुनीता के साथ हुई थी। दो साल बाद ही दोनों में इस कदर विवाद हो गया कि मामला कोर्ट पहुंच गया।
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घटना उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले की है। कैंपियरगंज में पिता उमेश राजभर बेटी सोनाली को अपना नहीं मानता था। उसे रास्ते से हटाने के बाद ही वह पत्नी को साथ रखने को राजी था। यही वजह थी कि दोनों ने मिलकर तीन साल की बच्ची का गला घोंट दिया।
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इसके बाद गांव के सुरेंद्र और लल्लू की मदद से उसे नदी के किनारे दफना दिया। पुलिस ने गिरफ्तार बेटी के हत्यारोपी मां-बाप को गुरुवार को जेल भेज दिया। साथ ही शव दफनाने में मददगार बने दो और लोगों को नामजद कर उनकी तलाश शुरू कर दी।
कैंपियरगंज के गुलहरिहा गांव के उमेश राजभर की शादी पांच साल पहले गुलहरिहा के करमहां बुजुर्ग गांव के बाबूराम की बेटी सुनीता के साथ हुई थी। दो साल बाद ही दोनों में इस कदर विवाद हो गया कि मामला कोर्ट पहुंच गया।
मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले उमेश को कोर्ट ने पांच लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया, लेकिन वह मुआवजा देने के बजाय पत्नी को साथ रखने पर राजी हो गया। इधर, एक महीने पहले घर लौटी पत्नी से बेटी सोनाली को लेकर उसका फिर विवाद हो गया।
वह उसे अपनी संतान नहीं मानता था। उसे रास्ते से हटाने के बाद ही वह पत्नी को साथ रखने पर राजी था। खुद को सही साबित करने के लिए मां सुनीता भी बेटी को मारने के लिए तैयार हो गई।
पढ़ें:- हल्का सा खुला था घर का दरवाजा, पड़ोसियों ने जाकर देखा तो पैरों तले खिसक गई जमीन
इसके बाद दोनों ने मिलकर सोनाली की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद दोनों ने गांव के सुरेंद्र और लल्लू की मदद से शव को नदी के किनारे दफना दिया। पुलिस ने हत्या और साक्ष्य छिपाने का केस दर्ज कर मां-बाप को गिरफ्तार कर लिया। गांव के दो और लोगों के नाम सामने पर पुलिस ने उन दोनों को भी मुल्जिम बनाया है। दोनों फरार हैं।
बेटी की हत्या का आरोपी पिता उमेश राजभर अचानक थाने से फरार हो गया। जैसे ही इसकी भनक पुलिस को लगी, उसके होश उड़ गए। अफसरों ने तत्काल घेरेबंदी कर उसकी धरपकड़ के लिए तीन थाने की फोर्स लगा दी। तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
वह उसे अपनी संतान नहीं मानता था। उसे रास्ते से हटाने के बाद ही वह पत्नी को साथ रखने पर राजी था। खुद को सही साबित करने के लिए मां सुनीता भी बेटी को मारने के लिए तैयार हो गई।
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इसके बाद दोनों ने मिलकर सोनाली की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद दोनों ने गांव के सुरेंद्र और लल्लू की मदद से शव को नदी के किनारे दफना दिया। पुलिस ने हत्या और साक्ष्य छिपाने का केस दर्ज कर मां-बाप को गिरफ्तार कर लिया। गांव के दो और लोगों के नाम सामने पर पुलिस ने उन दोनों को भी मुल्जिम बनाया है। दोनों फरार हैं।
बेटी की हत्या का आरोपी पिता उमेश राजभर अचानक थाने से फरार हो गया। जैसे ही इसकी भनक पुलिस को लगी, उसके होश उड़ गए। अफसरों ने तत्काल घेरेबंदी कर उसकी धरपकड़ के लिए तीन थाने की फोर्स लगा दी। तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।