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प्रद्युम्न हत्याकांडः पुलिस की थ्योरी में एक बड़ा पेंच, अशोक कातिल कैसे?
amarujala.com, Presented by: विकास जांगड़ा
Updated Tue, 12 Sep 2017 12:24 PM IST
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Pradyuman Thakur
- फोटो : अमर उजाला
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गुरुग्राम के रायन इंटरनेशनल स्कूल में प्रद्युम्न ठाकुर की हत्या पर पुलिस की थ्योरी संदेह के घेरे में आ गई है। सबसे बड़ा सवाल ये हैं कि अशोक कातिल कैसे है?
गौरतलब है कि आरोपी अशोक भले ही इस मामले में पुलिस के सामने जुर्म कबूल कर चुका है। अशोक ने अपने इकबालिया बयान में कहा था 'मेरी बुद्धि खराब हो गई थी जो मैंने ये काम किया। मैं अपने किए पर शर्मिंदा हूं और हर सजा भुगतने को तैयार हूं।' लेकिन न तो प्रद्युम्न के पिता वरूण ठाकुर को अशोक का बयान हजम हो रहा है और न ही बस ड्राइवर सौरभ राघव को। पुलिस की थ्योरी भी सवालों के घेरे में है।
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गौरतलब है कि आरोपी अशोक भले ही इस मामले में पुलिस के सामने जुर्म कबूल कर चुका है। अशोक ने अपने इकबालिया बयान में कहा था 'मेरी बुद्धि खराब हो गई थी जो मैंने ये काम किया। मैं अपने किए पर शर्मिंदा हूं और हर सजा भुगतने को तैयार हूं।' लेकिन न तो प्रद्युम्न के पिता वरूण ठाकुर को अशोक का बयान हजम हो रहा है और न ही बस ड्राइवर सौरभ राघव को। पुलिस की थ्योरी भी सवालों के घेरे में है।
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ड्राइवर बोला- अशोक नहीं हो सकता हत्यारा
ryan school
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस का कहना है कि आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद चाकू को धोने के लिए बस से ले गया था। ड्राइवर सौरभ का कहना है कि बृहस्पतिवार को ही उसने टूल किट साफ किया था। जबकि बस के ड्राइवर के ऑडियो टेप से साफ होता है कि उसमें कोई चाकू मौजूद नहीं था।
ड्राइवर ने ये भी कहा कि गाड़ी में चाकू का क्या काम है। ड्राइवर ने पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल खड़ा करते हुए ध्यान दिलाने की कोशिश की है कि 'टूल किट में प्लास और कटर होते हैं तो चाकू का क्या काम..?'
अशोक शुक्रवार सुबह 07.50 में स्कूल पहुंचा था। इसके बाद वह गाड़ी लगाकर चला गया था, तभी अचानक स्कूल में चीख पुकार के साथ गाड़ी लाने को कहा गया। ड्राइवर का कहना है कि अशोक का व्यवहार से कभी नहीं लगा कि इस तरह की घटना को अंजाम दे सकता है।
ड्राइवर का कहना है कि शुक्रवार को वारदात के दिन पुलिस ने उससे कई बार पूछताछ की, लेकिन उसने हर बार मना किया।
ड्राइवर ने ये भी कहा कि गाड़ी में चाकू का क्या काम है। ड्राइवर ने पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल खड़ा करते हुए ध्यान दिलाने की कोशिश की है कि 'टूल किट में प्लास और कटर होते हैं तो चाकू का क्या काम..?'
अशोक शुक्रवार सुबह 07.50 में स्कूल पहुंचा था। इसके बाद वह गाड़ी लगाकर चला गया था, तभी अचानक स्कूल में चीख पुकार के साथ गाड़ी लाने को कहा गया। ड्राइवर का कहना है कि अशोक का व्यवहार से कभी नहीं लगा कि इस तरह की घटना को अंजाम दे सकता है।
ड्राइवर का कहना है कि शुक्रवार को वारदात के दिन पुलिस ने उससे कई बार पूछताछ की, लेकिन उसने हर बार मना किया।
पुलिस कह रही- चाकू अशोक के पास मिला
ryan school
पुलिस कह रही है चाकू अशोक के पास से मिले हैं, जबकि ड्राइवर का कहना है कि चाकू टूल किट में था ही नहीं। स्कूल में चाकू आया कहां से? पुलिस द्वारा दिखाए जा रहा चाकू बिल्कुल नया है। ऐसे में नया चाकू को धोने की क्या जरूरत पड़ी। इसके बारे में भी कोई जवाब नहीं है।
रविवार को प्रद्युमन के पिता वरुण ठाकुर ने कहा कि आखिर मेरे बेटे की 15 मिनट में हत्या कैसे हो सकती है? उसका बस कंडक्टर से कोई वास्ता ही नहीं था। इसके पीछे जरूर कोई और मंशा है। वरुण का कहना है कि इसके लिए सीबीआई जांच हो।
अशोक के पिता का कहना मेरे बेटे को फंसाया गया
रोपी अशोक के पिता का कहना है 'मेरे बेटे को फंसाया गया है। मेरे बेटे ने दबाव में गुनाह कबूल किया।' 'उसका स्वभाव एकदम शांत था। वह ऐसा कर ही नहीं सकता।'
रविवार को प्रद्युमन के पिता वरुण ठाकुर ने कहा कि आखिर मेरे बेटे की 15 मिनट में हत्या कैसे हो सकती है? उसका बस कंडक्टर से कोई वास्ता ही नहीं था। इसके पीछे जरूर कोई और मंशा है। वरुण का कहना है कि इसके लिए सीबीआई जांच हो।
अशोक के पिता का कहना मेरे बेटे को फंसाया गया
रोपी अशोक के पिता का कहना है 'मेरे बेटे को फंसाया गया है। मेरे बेटे ने दबाव में गुनाह कबूल किया।' 'उसका स्वभाव एकदम शांत था। वह ऐसा कर ही नहीं सकता।'