10 दिन पहले ही हुई थी शादी और पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर की पति की हत्या
आंध्रप्रदेश के विजयनगरम जिले में यामका शंकर राओ की सोमवार को हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस गुत्थी को महज 24 घंटों के भीतर ही सुलझा लिया। जांच में सामने आया कि राओ की हत्या के पीछे उसी की पत्नी सरस्वती का हाथ है। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। यह बात पुलिस ने मंगलवार को बताई। घटना थोटापल्ली गांव के पास हुई थी।
राओ की शादी उसकी ममेरी बहन सरस्वती से महज 10 दिन पहले ही 28 मार्च को हुई थी। जांच में पता चला कि सरस्वती का बीते एक साल से सिवा नाम के व्यक्ति के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था।
सिवा से उसकी दोस्ती फेसबुक पर तब हुई जब वह विशाखापटनम में ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रही थी। वह शादी के बाद भी लगातार सिवा के संपर्क में रही। इसी दौरान दोनों ने राओ को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
ऐसे दिया हत्या को अंजाम
विजयनगरम पुलिस के डीएसपी पी. पाला राजू ने बताया कि सोमवार को साओ और सरस्वती बाजार से घर लौट रहे थे, तभी सरस्वती ने फोन सुनने के बहाने बाइक रुकवाई। इसके बाद वह झाड़ियों के पीछे चली गई और ऑटो से तीन आदमी अचानक राओ के सामने आ गए और उसे लोहे की रोड से मारने लगे जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने आगे बताया कि राओ पर हमले के बाद सरस्वती ने अपनी चूड़ियां तोड़ दीं और अपने गहने अंडर गार्मेंट्स में छिपा लिए। उसने पुलिस को यह दिखाने की कोशिश की कि तीन लोगों ने उसके पति की हत्या की और उनका कीमती सामान लेकर भाग गए। तब मौके पर पहुंची पुलिस ने मर्डर ऑफ गेन (लाभ के लिए हत्या) का मामला दर्ज किया।
ऐसे सुलझा केस
पुलिस ने बताया कि जब इस केस की जांच के लिए सरस्वती से पूछताछ हो रही थी तो उसके बयानों में विरोधाभास लगने लगा। जिसके बाद उससे पूछताछ शुरू की गई। इसके बाद उसने हत्या के पीछे छिपी पूरी कहानी का खुलासा कर दिया। उसने बताया कि सिवा ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर हत्या को अंजाम दिया था।
हत्या वाले दिन सरस्वती आरोपियों को फोन पर अपनी लोकेशन लगातार बता रही थी। दो बार असफल होने के बाद तीसरी बार जब उसने अपने पति को एक अलग स्थान पर बाइक रोकने के लिए कहा तभी उन्होंने अपनी साजिश को अंजाम तक पहुंचाया और राओ की हत्या कर दी गई। फिलहाल पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।